Friday, February 13

हाल ही में, फुटबॉल जगत में तब हलचल मच गई, जब उरुग्वे के स्ट्राइकर डार्विन नुनेज़ ने यूरोप छोड़कर सऊदी प्रो लीग की टीम अल-हिलाल से जुड़ने का फैसला किया। नुनेज़ अपने आक्रामक खेल और अनोखी शैली के चलते यूरोपीय फुटबॉल के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनका जाना केवल लिवरपूल फैंस ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के फैंस के लिए निराशाजनक रहा है।

नुनेज़ के इस कदम ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या अब और बड़े खिलाड़ी भी सऊदी लीग का रुख करेंगे? वहां की अपार दौलत और बड़े ऑफर्स के चलते कई फुटबॉल स्टार्स का मन बदल सकता है। हालांकि, फैंस की चाहत है कि विनीसियस जूनियर से लेकर लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ी अब भी यूरोप में ही खेलें और फुटबॉल का असली रोमांच वहीं बरकरार रहे।

नुनेज़ के ट्रांसफर ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर अन्य स्टार खिलाड़ी भी सऊदी लीग की ओर रुख करते हैं तो फुटबॉल का रोमांच कितना कम हो जाएगा? आइए जानते हैं उन सात खिलाड़ियों के बारे में, जिन्हें सऊदी प्रो लीग में जाते देखना सबसे निराशाजनक होगा।

ये हैं वो 7 खिलाड़ी जिन्हें सऊदी प्रो लीग में जाते देखना फैंस के लिए सबसे निराशाजनक होगा

7. विनीसियस जूनियर

ब्राज़ीलियन स्टार विनीसियस जूनियर अभी भी खुद को साबित करने के मिशन पर हैं। पिछली बार बैलन डी’ऑर से बाहर होने पर उन्होंने लिखा था, “अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं इसे दस गुना बढ़ा दूँगा।”

ऐसे में अगर वह एक-दो साल बाद ही सऊदी लीग चले जाते हैं, तो यह उनके करियर के लिए बेहद निराशाजनक होगा। रियल मैड्रिड में किलियन एमबाप्पे के साथ उनकी साझेदारी देखने लायक होगी और यही फैंस की उम्मीद भी है।

6. हैरी मैग्वायर

मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व कप्तान हैरी मैग्वायर को सऊदी प्रो लीग से अभी कोई सीधा लिंक नहीं मिला है। लेकिन अगर वह वहां चले गए तो यह इंग्लिश फैंस के लिए बड़ा झटका होगा। उनकी कहानी वेस्ट हैम या एवर्टन जैसी टीम में करियर खत्म करने के ज्यादा करीब लगती है, न कि सऊदी की गर्मी में।

5. लामिन यमाल

17 वर्षीय स्पेनिश सनसनी लामिन यमाल को फुटबॉल का अगला बड़ा सुपरस्टार माना जा रहा है। बार्सिलोना ने उन पर €1 बिलियन (लगभग 87 अरबी रूपये) की रिलीज क्लॉज लगाई है। लेकिन सऊदी प्रो लीग की अथाह दौलत किसी भी खिलाड़ी को लुभा सकती है। अगर यमाल जैसी प्रतिभा यूरोप छोड़कर जल्दी सऊदी पहुंच गई, तो यह फुटबॉल फैंस के लिए बड़ा झटका होगा।

4. कासेमीरो

मैनचेस्टर यूनाइटेड के ब्राज़ीलियन मिडफील्डर कासेमीरो ने पांच बार चैंपियंस लीग जीती है। अभी भी उनको यूरोप में बहुत कुछ साबित करना बाकी है। ऐसे में अगर वह अचानक सऊदी लीग में चले जाते हैं, तो यह उनके शानदार करियर का अच्छा अंत नहीं होगा।

3. मोहम्मद सालाह

लिवरपूल के मोहम्मद सालाह अरब की दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल स्टार हैं। यही वजह है कि सऊदी प्रो लीग बार-बार उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाने की कोशिश करती रही है। हालांकि, सालाह ने अब तक हर ऑफर ठुकराया है और प्रीमियर लीग में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन जारी रखा है। अगर वह सऊदी चले जाते हैं, तो यह न सिर्फ लिवरपूल बल्कि पूरे यूरोपीय फुटबॉल के लिए बड़ा नुकसान होगा।

2. ओलिवियर गिरौड

38 वर्षीय फ्रेंच स्ट्राइकर ओलिवियर गिरौड वर्ल्ड कप विनर हैं और फुटबॉल के शांत और अच्छे खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने हमेशा LGBT समुदाय का समर्थन भी किया है। अगर वह जॉर्डन हेंडरसन की तरह सऊदी जाकर अपनी छवि खराब करते, तो यह बेहद दुखद होता। फिलहाल, उन्होंने फ्रांस के लिल क्लब से जुड़कर सही फैसला लिया है।

1. लियोनेल मेसी

सऊदी प्रो लीग ने 2023 में मेसी को भारी-भरकम ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने वह ऑफर ठुकरा दिया था और मेजर लीग सॉकर (MLS) के इंटर मियामी से जुड़ गए थे। हालांकि, मेसी का कॉन्ट्रैक्ट अब अपने अंतिम दौर में है।

अगर वह करियर के आखिरी दिनों में सऊदी लीग का हिस्सा बनते हैं, तो यह उनके और रोनाल्डो की ऑन फील्ड राइवलरी को फिर से जन्म देगा। लेकिन मेसी के फैंस इसके बजाय उन्हें फुटबॉल की सबसे ऊंची विरासत के साथ देखना पसंद करेंगे।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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