भारत में फुटबॉल की शुरुआत भी क्रिकेट के वक्त ही हुई थी। ये वही दौर था जब हिंदुस्तान में अंग्रेजों का राज था। 19वीं सदीं के दौरान भारत में फुटबॉल की शुरुआत हो चुकी थी। भारतीय लोगों ने अंग्रेजों से क्रिकेट की तरह ही फुटबॉल को सीखा, लेकिन आज जहां पर क्रिकेट का स्तर है, फुटबॉल वहां तक नहीं पहुंच पाया या फिर यूं कहें कि हिंदुस्तान में फुटबॉल के स्तर को सुधारने की कोशिश ही नहीं की गई।

नागेंद्र प्रसाद हैं भारत में फुटबॉल के जनक

आजादी से पहले कोलकाता देश की राजधानी थी और उस वक्त के ब्रिटिश सिपाही वहीं फुटबॉल खेला करते थे। ये दौर था साल 1872 का, उसी वक्त भारतीय लोगों ने इस खेल को देखा और उसी वक्त से उनकी रूची इस खेल के प्रति बढ़ने लगी थी। अगर बात करें, देश में फुटबॉल के जनक की तो नागेंद्र प्रसाद सर्ब अधिकारी को भारतीय फुटबॉल का जनक कहा जाता है। वो अपने दोस्तों के साथ मिलकर इसको खेला करते थे। इस दौरान नागेंद्र को स्कूल के अंग्रेजी अध्यापक ने खेलता हुआ देखा और फिर उनके साथी खिलाड़ियों के साथ खेल को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी।

भारत का सबसे पुराना फुटबॉल क्लब

मोहन बागान एथलीट क्लब भारत का सबसे पुराना फुटबॉल क्लब है। इसकी स्थापना सन् 1889 में हुई थी। आज इस फुटबॉल क्लब को करीब 123 साल हो चुके हैं और अब भी ये कायम है। जानकारी के लिए बता दें कि ये क्लब भारत का ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे पूराना फुटबॉल क्लब है। भारतीय टीम को फुटबॉल में पहली बार साल 1892 में सफलता मिली थी। उस वक्त सोवा बाजार क्लब ने पहली बार ट्रेडर्स कप जीत कर इतिहास रच दिया था।

ये भी पढ़ें: इस साल हुई थी फीफा की शुरुआत, जानिए पूरा इतिहास

स्पोर्ट्स से जुड़ी अन्य खबरें जैसे, cricket news और  football news के लिए हमारी वेबसाइट hindi.sportsdigest.in पर log on करें। इसके अलावा हमें FacebookTwitter पर फॉलो व YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें। 

Share.

साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

Leave A Reply

Exit mobile version