FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि स्टार डिफेंडर निको श्लोटरबेक टखने की गंभीर चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अब एंटोनियो रुडिगर के नॉकआउट मुकाबलों में जर्मनी की रक्षा पंक्ति की जिम्मेदारी संभालने की संभावना है।
इसके अलावा अब फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण से पहले जर्मनी फुटबॉल टीम को एक बड़ा झटका लगा है। क्यूंकि अब इस टीम के स्टार डिफेंडर निको श्लोटरबेक गंभीर टखने की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से ही बाहर हो गए हैं। वहीं उनकी यह चोट आइवरी कोस्ट फुटबॉल टीम के खिलाफ खेले गए मैच के दौरन लगी थी।
आइवरी कोस्ट मैच में लगी थी उनको चोट :-
इसके अलावा जर्मनी की फुटबॉल टीम ने इस मैच को 2-1 से जीत लिया था। लेकिन इस मैच के पहले हाफ में उनके खिलाड़ी निको श्लोटरबेक चोटिल हो गए थे। इसके चलते हुए तब उनको मैदान छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उनकी जगह पर दूसरे हाफ में एंटोनियो रुडिगर को मैदान में उतारा गया था।

इसके बाद अगले दिन हुए मेडिकल स्कैन में यह पता चला है कि उनके बाएं टखने के मेडियल कोलेटरल लिगामेंट में गंभीर चोट आई है। वहीं अब इसके चलते हुए उनको कई महीनों तक मैदान से दूर रहना पड़ सकता है।
श्लोटरबेक के बाहर होने से जर्मनी टीम को लगा बड़ा झटका :-
इसके अलावा इस टूर्नामेंट में श्लोटरबेक जर्मनी की डिफेंस लाइन के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं। वहीं अब जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समैन की रणनीति में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। इस बीच खासकर पीछे से खेल बनाने और गेंद को आगे बढ़ाने की श्लोटरबेक शक्ति टीम के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही थी। लेकिन टूर्नामेंट शुरू हो जाने के कारण अब जर्मनी उनकी जगह किसी नए खिलाड़ी को टीम में शामिल नहीं कर पाएगा।
कोच नागेल्समैन ने की श्लोटरबेक की तारीफ :-

इस बीच अब चोट के बाद जर्मन कोच ने उनको लेकर अपनी निराशा जरूर जताई है। लेकिन उन्होंने श्लोटरबेक के सकारात्मक रवैये की भी तारीफ की है। इस दौरान कोच ने कहा है कि मैदान पर उनकी कमी महसूस होगी और क्यूंकि यह टूर्नामेंट उनके लिए यादगार बन सकता था। लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि श्लोटरबेक का टीम के साथ बने रहना अच्छी बात है। क्यूंकि इस स्टार खिलाड़ी का का प्रभाव सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी उनकी मौजूदगी अहम रहती है।
नॉकआउट मुकाबलों पर टिकी है जर्मनी की नजर :-
इसके बावजूद भी इस समय जर्मनी की टीम इस मौजूदा टूर्नामेंट में मजबूत स्थिति में बना हुआ है। इस समय जर्मनी टीम ग्रुप ई में शीर्ष स्थान हासिल कर नॉकआउट चरण में पहुंच चुकी है। इस टीम ने यह उपलब्धि 12 साल बाद हासिल की है।

इसके बाद अब जर्मनी की टीम अपना आखिरी ग्रुप मैच इक्वाडोर के खिलाफ खेलने वाली है। इसके बाद फिर जर्मनी की टीम का पूरा फोकस नॉकआउट मुकाबलों पर ही रहेगा। इसके अलावा अब जर्मनी की टीम को पूरा भरोसा है कि बाकी डिफेंडर टीम को आगे तक ले जाने में सफल रहेंगे।
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