Thursday, March 19

FIFA World Cup 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच जर्मनी में 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप के संभावित बॉयकॉट की चर्चा तेज हो गई है। इसके बाद जर्मन फुटबॉल अधिकारी ओके गेटलिष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को यूरोप में अस्थिरता का कारण बताते हुए साल 2026 वर्ल्ड कप के बहिष्कार पर चर्चा की मांग की है। क्यूंकि इस बार टिकट कीमतों और ट्रैवल बैन ने फैंस की चिंता बढ़ा दी है। जबकि DFB और FIFA में अब इस प्रस्ताव का विरोध संभव है।

ट्रंप की नीतियों से नाराज जर्मन फुटबॉल महासंघ :-

Oke Göttlich
Oke Göttlich

इसके चलते हुए अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच जर्मनी में 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप के संभावित बॉयकॉट की चर्चा तेज हो गई है। क्यूंकि इस समय जर्मन फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति के सदस्य और बुंडेसलिगा क्लब स्ट. पाउली के अध्यक्ष ओके गेटलिष ने कहा है कि अब इस मुद्दे पर गंभीर बहस की आवश्यकता है।

ट्रंप की नीतियों से यूरोप में बढ़ा तनाव और NATO पर असर :-

Donald Trump
Donald Trump

इसके अलावा जर्मन फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति के सदस्य गेटलिष ने जर्मन अखबार ‘हैम्बर्गर मोर्गेनपोस्ट’ को इंटरव्यू में कहा है कि, “अब समय आ गया है कि हम इस पर गंभीरता से विचार और चर्चा करें।” इस बीच अब उनका कहना है कि ट्रंप की हालिया कार्रवाइयों ने यूरोप में काफी अस्थिरता बढ़ाई है। क्यूंकि इस बीच उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जे का प्रस्ताव रखा और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इससे NATO पर भी असर की आशंका बढ़ी है।

इतिहास से तुलना और वर्ल्ड कप पर असर :-

Donald Trump with fifa world cup trophy
Donald Trump with fifa world cup trophy

इसके आगे जर्मन फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति के सदस्य गेटलिष ने साल 1980 के ओलंपिक बॉयकॉट का जिक्र करते हुए पूछा है कि, “उस समय कारण क्या थे। मेरे हिसाब से आज खतरा उनसे ज्यादा है।” इसके आगे उन्होंने कहा कि जब दुनिया राजनीतिक तनाव झेल रही हो, तो खेलों पर बातचीत जरूरी है। इसके अलावा साल 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका कनाडा और मैक्सिको के साथ कर रहा है। जबकि इसकी टिकटों के दाम और ट्रैवल बैन से फैंस पहले ही परेशान हैं।

DFB और FIFA की आई संभावित प्रतिक्रिया :-

इसके अलावा जर्मन फुटबॉल अधिकारी ओके गेटलिष को यह भी पता है कि उनके विचार पर जर्मन महासंघ अध्यक्ष बेर्न्ड नॉयएंडॉर्फ और FIFA प्रमुख जियानी इनफेंटिनो की मंजूरी मिलना मुश्किल है। इसके आगे उन्होंने कतर विश्व कप की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा है कि, “कतर सभी के लिए बहुत राजनीतिक था और अब हम पूरी तरह अपॉलिटिकल हो गए हैं, क्यूंकि यह अब मुझे काफी परेशान करता है।”

स्ट. पाउली का राजनीतिक रुख और खिलाड़ियों के सवाल :-

Oke Göttlich
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इसके अलावा स्ट. पाउली क्लब पहले से ही खेल और राजनीति को जोड़ने के लिए जाना जाता है। इसके आगे जर्मन फुटबॉल अधिकारी ओके गेटलिष ने यह भी कहा है कि संभावित बहिष्कार से ऑस्ट्रेलिया और जापान के उनके क्लब खिलाड़ियों पर असर पड़ेगा। लेकिन उन्होंने इसे महत्वहीन बताया है। इसके आगे उन्होंने कहा कि, “पेशेवर खिलाड़ी की जिंदगी उन अनगिनत लोगों से ज्यादा मूल्यवान नहीं हो सकती जो सीधे या परोक्ष रूप से हमलों और धमकियों का सामना कर रहे हैं।”

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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