ISL: भारत के केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इंडियन सुपर लीग के आगामी सत्र के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा आईएसएल का आगामी सीजन अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। इसके चलते हुए अब कई बैठकों के बाद इंडियन सुपर लीग के शुरू होने का रास्ता अब साफ हो।
केंद्रीय खेल मंत्री ने किया आईएसएल की तारीखों का ऐलान :-
भारत के केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते दिन मंगलवार को इंडियन सुपर लीग के आगामी सत्र के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके चलते हुए अब आईएसएल की शुरुआत आगामी 14 फरवरी से होने वाली है। वहीं इस बार इसमें सभी 14 क्लब हिस्सा लेंगे।

इसके अलावा अभी तक वाणिज्यिक साझेदारों की कमी के कारण यह लीग शुरू नहीं हो सकी थी। इसके चलते हुए काफी समय से विवाद भी हो रहा था। इसके अलावा अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने अभी हाल ही में कहा था कि आईएसएल की तारीख की घोषणा आने वाले सप्ताह में होगी।
विवाद पर लगेगा अब विराम :-

भारत के खेल मंत्री मांडविया ने कहा कि आईएसएल को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही थीं। इसके अलावा आज सरकार, फुटबॉल महासंघ और मोहन बागान व ईस्ट बंगाल समेत 14 क्लबों की बैठक हुई और हमने फैसला किया है कि आईएसएल 14 फरवरी से शुरू होगा। वहीं सभी फुटबॉल क्लब इसमें हिस्सा लेने वाले हैं। जबकि पिछले कुछ समय से भारतीय फुटबॉल को लेकर अदालत में चल रहे विवाद के कारण आईएसएल के आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन अब इस पर विराम लग गया है।
आईएसएल संचालन परिषद बोर्ड का होगा गठन :-
इसके अलावा बाद में एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने इस मौके पर बताया है कि, “अब आईएसएल के संचालन के लिए संचालन परिषद बोर्ड का गठन होगा। इस बार आईएसएल में 14 टीमों के 91 मैच एक चरण में होम (घरेलू) और अवे (प्रतिद्वंद्वी टीम का घरेलू मैदान) आधार पर खेले जाएंगे।” इसके आगे उन्होंने कहा कि मैच कहां होंगे, यह सभी क्लब एआईएफएफ के साथ मिल कर तय करेंगे।

इसके आगे उन्होंने कहा कि, “अबकी बार आई लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच खेले जाएंगे। यह भी आईएसएल के साथ ही आरंभ होगी। इसमें आईलीग-दो और आईलीग-तीन में 33 के बजाय 40 टीमें होंगी।” इसके बाद उन्होंने बताया कि आईएसएल के लिए 25 करोड़ रुपये का एक कैप (खर्च की सीमा) बनाया गया है जिसमें 10 प्रतिशत एआईएफएफ, 15 प्रतिशत क्लब 30 प्रतिशत व्यावसायिक साझेदार वहन करेंगे।
इसके आगे उन्होंने कहा कि जब तब व्यावसायिक साझेदार नहीं मिल जाता तब तक एआईएफएफ कुल 40 प्रतिशत खर्च वहन करेगा।” इसके बाद उन्होंने कहा कि एआईएफएफ का कुल योगदान 14 करोड़ रुपये होगा। इसमें 10 करोड़ आईएसएल और 3.2 करोड़ आई लीग के लिए होंगे। जबकि आईडब्ल्यूएल (इंडियन वुमेन लीग) का शत प्रतिशत फंड एआईएफएफ का ही होगा।
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