Wednesday, June 17

जिनको टीम इंडिया के खिलाड़ी प्रतिभाशाली, फिट, मानसिक रूप से मजबूत और दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक माने जाते हैं भारतीय टीम में बहुत ऐसे खिलाड़ी है जिनको सेना में बड़े पद पर नियुक्त किया गया है  एमएस धोनी, सचिन तेंदुलकर, कपिल देव और कई अन्य क्रिकेटरों को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा मानद रैंकों से सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया है

आइये जानते है उन प्लेयर्स के पिता के नाम जो सेना में डे चुके है सेवा

1. त्रिलोकचंद रैना- सुरेश रैना

suresh raina

जम्मू-कश्मीर के मूल्य रूप से निवासी रैना परिवार को 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में पलायन करने के बाद से वहा रह रहे है। एक सैन्य परिवार से आते हैं। इस क्रिकेटर के दिवंगत पिता, त्रिलोकचंद रैना, एक सैन्य अधिकारी थे, जो एक आयुध कारखाने में बम बनाने में विशेषज्ञता रह चुके थे। गौरतलब है कि उनके बड़े भाई भी सेना में कार्यरत हैं।रैना का क्रिकेट करियर 1998 में लखनऊ के गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज से शुरू हुआ था और सुरेश ने अपने इंटरनेशनल करीयर में  322 मैचों  में  7988 बनाए। 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, उन्होंने सफलतापूर्वक कमेंट्री में कदम रखा। 2022 में, रैना के पिता का कैंसर से निधन हो गया

2.ध्रुव जुरेल के पिता भी सेना में सेवा दे चूके है

Hrashit rana
Hrashit rana

भारत के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल , जो इंग्लैंड के खिलाफ पाँच मैचों की श्रृंखला में टेस्ट टीम का हिस्सा थे, नेम सिंह जुरेल के बेटे हैं, जो भारतीय सेना में सेवानिवृत्त हवलदार और कारगिल युद्ध के अनुभवी सिपाही हैं। चंद भी अपने बेटे को एनडीए के माध्यम से सेना में भेजना चाहते थे। गौरतलब है इसके बाद जुरेल ने कुछ समय तक एनडीए की तैयारी की, इसके साथ खेल पर अपना पूरा ध्यान और जुनून केंद्रित करने के कारण वह पढाई पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए। ध्रुव ने 2024 में रांची में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट अर्धशतक बनाने के बाद भावुक होकर सलामी दी थी।

3.राहुल त्रिपाठी के पिता अजय त्रिपाठी ने सेना में कर्नल के पद पर सेवा रह चुके है’

rahul tripathi

राहुल त्रिपाठी के पिता अजय एक सेवानिवृत्त कर्नल हैं, जिन्होंने भारतीय सेना में सेवा की  है 34 वर्ष के राहुल ने 2023 में श्रीलंका के खिलाफ पुणे में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वह 2017 से आईपीएल में खेल रहे हैं और 100 मैचों में 2291 रन बना चुके हैं।  1980 के दशक की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के लिए अंडर-22 क्रिकेट खेला। एक सैनिक परिवार में जन्मे राहुल के शुरुआती जीवन में उनके पिता की पोस्टिंग के कारण कई बार स्थानांतरण हुए, जिनमें श्रीनगर में एक कार्यकाल भी शामिल है। कर्नल त्रिपाठी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले थे, बाद में अपनी सेवा में ट्रान्सफर होने के बाद महाराष्ट्र चले गए। अपनी सैन्य ड्यूटी के बावजूद, उन्होंने अपने बेटे की क्रिकेट की खेलने इच्छा का नियमित रूप से समर्थन किया। राहुल अक्सर अपने माता-पिता के साथ पुणे के पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर जाते थे, जहाँ वे देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते थे

4.दीपक चाहर के पिता  भी सेना मे सेवा दे चूके है लोकेंद्रसिंह चाहर

deepak chahar

दीपक के पिता भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी रह चुके है, दीपक को बचपन से ही अपने पिता का मार्गदर्शन और मार्गदर्शन मिला। भारत के तेज़ गेंदबाज़ दीपक चाहर अपनी क्रिकेट सफलता का श्रेय अपने पिता, लोकेंद्र चाहर को देते हैं। लोकेंद्रसिंह, जो खुद कभी क्रिकेट खेलते थे या खेलना चाहते थे कि उनका बेटा स्विंग गेंदबाज बने। दीपक इनस्विंग और आउटस्विंगर गेंदबाज हैं। उनकी लगातार प्रैक्टिस  2019 में रंग लाई, जब दीपक ने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मैच में 6/7 के औसत से रन बनाकर सुर्खियाँ बटोरीं, जो आज भी पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में अच्छा प्रदर्शन किया। दीपक के चचेरे भाई राहुल चाहर भी एक पेशेवर क्रिकेटर हैं, और वो मुंबई इंडियन्स के लिए खेले चुके है

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मैं हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में स्पोर्ट्स और गेमिंग कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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