Asian Shooting Championships: भारत की पिस्टल निशानेबाज ईशा सिंह ने पिछले साल के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) के पहले दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया है। इसके अलावा इस चैंपियनशिप में पहले 10 शॉट के चरण के बाद फाइनल में बढ़त बनाने वाली सुरुचि एलिमिनेशन राउंड में पिछड़ गईं और चौथे स्थान पर रहीं थी। जबकि पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने और आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं हैं।
ओलंपियन ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण पदक :-
भारत की स्टार महिला पिस्टल निशानेबाज ईशा सिंह ने पिछले साल के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) के पहले दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया है। इसके चलते हुए उन्होंने भारत को टीम वर्ग में भी पीला तमगा दिलाने में मदद की है। जबकि दूसरी तरफ विश्व चैंपियन और भारत के पुरुष निशानेबाज सम्राट राणा को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा है।

भारत की पिस्टल निशानेबाज ईशा सिंह ने फाइनल में पिछड़ने के बाद अपनी शानदार वापसी करते हुए कुल 239.8 अंक हासिल किए थे। इसके चलते हुए उन्होंने अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। इस मैच में उन्होंने चीनी ताइपे की दो निशानेबाजों चेंग येन चिंग (235.4, रजत) और यू ऐ वेन (217.7, कांस्य) के अलावा अपने ही देश की खिलाड़ी सुरुचि सिंह की कड़ी चुनौती से पार पाकर सीनियर एशियाई चैम्पियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। इससे पहले भारत की इस निशानेबाज ने पिछले साल चीन के निंगबो में आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने साल 2024 में केवल 19 वर्ष की आयु में जकार्ता में अपना पहला महाद्वीपीय खिताब भी जीता था।

इसके अलावा इस मैच के पहले 10 शॉट के चरण के बाद फाइनल में बढ़त बनाने वाली सुरुचि एलिमिनेशन राउंड में पिछड़ गईं और चौथे स्थान पर रहीं थी। जबकि पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने और आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं हैं। वहीं इस मैच में ईशा ने संयम रखते हुए 10.4 और उससे अधिक के तीन स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक के लिए अपना दावा काफी मजबूत किया था। जबकि इस बीच चीनी ताइपे की दोनों निशानेबाज उनसे पिछड़ गई थी।

इससे पहले क्वालिफाइंग राउंड में सुरुचि 576 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं थी। जबकि मनु और ईशा दोनों का स्कोर 575 रहा था। लेकिन इन तीनों ही भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। इसके अलावा सुरुचि (576), मनु (575) और ईशा (575) की तिकड़ी ने कुल 1726 अंकों के साथ टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी जीता था। भारत की यह जीडी क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीतने वाले वियतनाम (1713) और चीनी ताइपे (1711) से काफी अधिक था। वहीं इससे पहले विश्व चैंपियन सम्राट पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। क्यूंकि इस मैच में उनको कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा है।

इसके अलावा पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले सम्राट ने क्वालिफाइंग राउंड में 581 का स्कोर बनाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। इसके चलते हुए सभी को ऐसा लग रहा था कि वह फाइनल में भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने में सफल होंगे। लेकिन फाइनल में वह 220.3 का स्कोर बनाकर उज्बेकिस्तान के व्लादिमीर स्वेचनिकोव (242.0) और कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमजान (241.0) से पीछे रहकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
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