R Praggnanandhaa: क्लासिकल चेस में मैग्नस कार्लसन को हराकर भारत के आर. प्रज्ञाननंदा ने रचा इतिहास

R Praggnanandhaa: क्लासिकल चेस में भारत के आर. प्रज्ञाननंदा ने मैग्नस कार्लसन को हराकर पीछे छोड़ दिया है। इस टूर्नामेंट में कारूआना दूसरे स्थान पर है। इस 18 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर ने ओपन स्टेंडिंग के ओपन सेक्शन में एकमात्र बढ़त बनाई है। वहीं महिलाओं के तीसरे राउंड के बाद वैशाली ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

R Praggnanandhaa: नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के तीसरे दौर में भारत के रमेशबाबू प्रज्ञाननंदा ने विश्व नंबर एक चेस खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को पहली बार किसी क्लासिकल चेस में हराया। इस टूर्नामेंट के एक अन्य मुकाबले में डिंग लिरेन ने फैबियानो कारूआना को हराया। जबकि एक अन्य मुकाबले में आर्मागेडन में हिकारू नाकामुरा ने अलीरेजा फिरोजा को हरा दिया है।

जबकि इस टूर्नामेंट के महिला वर्ग में कोनेरू हम्पी ने जीएम लेई टिंगजी को हरा दिया है। वहीं एक अन्य मुकाबले में पिया क्रैम्लिंग ने जू वेनजुन के साथ ड्रॉ खेला है। एक अन्य मुकाबले में भारत की आर. वैशाली ने अन्ना मुज्यचुक को हराया। वहीं अब इस टूर्नामेंट में प्रज्ञाननंदा ने कार्लसन को पीछे छोड़ दिया है जबकि कारूआना दूसरे स्थान पर रहे है।

भारत के 18 वर्षीय ग्रैंडमास्टर ने ओपन स्टेंडिंग के ओपन सेक्शन में एकमात्र बढ़त हासिल की है। वहीं महिलाओं की स्टेंडिंग में तीसरे राउंड के बाद भारत की आर. वैशाली ने भी शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस जीत के बाद प्रज्ञाननंदा ने कहा कि, ” यह मेरी शानदार शुरुआत है। हम दोनों के बीच मुकाबला काफी कड़ा था , जिसको जीतने के लिए हम दोनों ने अपना पूरा जोर लगा दिया और अंत में जाकर मुझे जीत मिली।

अब हम आगे देखते है कि इस टूर्नामेंट में क्या होता है और हम इस टूर्नामेंट में आगे कैसे बढ़ते है। मैं इस मुकाबले को जीत कर काफी अच्छा महसूस कर रहा हूँ। हम दोनों के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प था। मुझे शुरू से ही इस मुकाबले में काफी अच्छी पोजिशन मिली। तभी तो मैं इस पूरे मुकाबले में काफी शानदार तरीके से खेला हूँ।

लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या ये वाली जीत उनकी सर्वश्रेष्ठ जीतों में से एक है तो उन्होंने बताया कि मुझे यह नहीं पता है कि क्या यह जीत मेरी सबसे अच्छी जीत है। मुझे इसकी जांच करनी चाहिए और पता लगाना होगा। मुझे इस मुकाबले में नहीं लगा है कि मैंने वास्तव में काफी अच्छा खेल खेला है। कई बार मुझे इस मुकाबले में बेहतरीन चालें भी मिली। तभी तो मैं कहा सकता हूँ कि यह मेरा सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं है।

वहीं जब हिकारू नाकामुरा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वो चाहते है कि मैग्नस उनके खिलाफ या फैबी के खिलाफ इन मौकों को भुनाए। मुझे यह लगता है कि जब मैग्नस छोटे बच्चों के साथ मुकाबला खेल रहा होता है तो वह अपने आप को बड़ा साबित करने की सोचता है। वह उन छोटे बच्चों के पीछे जाकर उनको हराने की कोशिश करने की सोचता है। और जब हम बूढ़े लोगों से मुकाबला खेलता है तो हमारे खिलाफ कम जोखिम लेता है।

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