Steeplechase: भारत की स्टार स्टीपलचेज एथलीट सुधा सिंह ने 3,000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में काफी बार शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने अपने देश को कई उपलब्धियां दिलाईं हैं। इसके अलावा उन्होंने ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके चलते हुए उन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा तथा दृढ़ संकल्प के दम पर एशियाई खेलों और एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतकर कई बार भारत का नाम रोशन भी किया है।
सुधा सिंह ने 2005 से शुरू किया था सफर :-

भारत की स्टार एथलीट सुधा सिंह का जन्म 25 जून 1986 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने साल 2005 से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया था। इसके चलते हुए अब उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बना ली है।
सुधा सिंह ने साल 2010 में रचा था इतिहास :-
भारत की दिग्गज एथलीट सुधा सिंह के करियर की सबसे बड़ी सफलता साल 2010 में चीन के ग्वांगझू में आयोजित किए गए एशियाई खेलों में आई थी। क्यूंकि इन खेलों में उन्होंने 9:55.67 मिनट का शानदार समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। वहीं उस समय यह एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा का पहला आयोजन भी था।

इसके अलावा तब इस इवेंट की पहली एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल करने वाली सुधा सिंह पहली खिलाड़ी भी बनीं थी। वहीं इसके बाद उन्होंने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए साल 2017 की एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद फिर उन्होंने साल 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक भी जीता था।
दो ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुंकि है सुधा :-
इसके अलावा सुधा सिंह ने साल 2012 में अपना ही पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 9:47.70 मिनट का समय निकाला था। इसके चलते हुए उन्होंने तब ओलंपिक के लिए सफलतापूर्वक क्वालिफाई किया था। इसके अलावा उन्होंने साल 2012 (लंदन) और 2016 (रियो) के लगातार दो ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन तब वह इन दोनों ही ओलंपिक्स में देश के लिए पदक जीतने में सफल नहीं हो पाई थी। इसके अलावा इस बड़े खेल महाकुंभ में उनकी भागीदारी ही भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी उपलब्धि रही है।
सुधा के पदक और उपलब्धियों का सफरनामा :-

इस बीच अगर सुधा सिंह की शानदार खेल उपलब्धियों पर नजर डालें तो उन्होंने 3,000 मीटर स्टीपलचेज में देश को कई गौरवपूर्ण क्षण दिए हैं। इसके चलते हुए उन्होंने एशियन गेम्स साल 2010 (ग्वांगझू) में स्वर्ण पदक और 2018 (जकार्ता) में रजत पदक जीता था। जबकि एशियन चैंपियनशिप 2017 (भुवनेश्वर) में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने साल 2009 (ग्वांगझू), 2011 (कोबे) और 2013 (पुणे) में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता था।
खेल को अलविदा और राष्ट्रीय सम्मान :-
इसके बाद लंबे समय तक ट्रैक पर दौड़ने के बाद सुधा सिंह ने साल 2022 में खेल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। इसके बाद खेल जगत में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2012 में उनको भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से भी सम्मानित किया था।
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