भारत इस वक्त दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति है। मौजूदा वक्त में भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश माना जाता है। इस समय भारत में उसकी आबादी की 65 प्रतिशत जनसंख्या युवाओं की है। वास्तव में ये भारत की एक बहुत बड़ी ताकत है। बीते कुछ समय से भारतीय युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं में से केंद्र की मोदी सरकार की एक लोकप्रिय योजना ‘खेलो इंडिया’ भी है।
खेलो इंडिया क्या है?
खेला इंडिया योजना को साल 2017-18 में पीएम मोदी के द्वारा लांच किया गया था। इसका मकसद जमीनी स्तर के एथलीटों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जिससे पूरे हिंदुस्तान में खेल के बुनियादी ढॉटे का निर्माण करना है। इसके सरकार की एक प्रमुख योजना माना जाता है। खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य खेलों में व्यापक स्तर पर भागीदारी और उत्कृष्टता बढ़ाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के दौरान खेलों इंडिया के विकास के लिए 3165.50 करोड़ रूपये के बजन का निर्णय लिया है।
खेलो इंडिया से हुआ बदलाव- अनुराग ठाकुर
खेलो इंडिया के लांच होने के बाद कई लोग इसके समर्थन और विरोध में आवाज उठा रहे थे। इसके बाद केंद्रीय खेल मंश्री अनुराग ठाकुर ने बीते महीने अपने एक बयान में कहा था कि, पिछले कुछ वर्षों से खेलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है और खेलों इंडिया ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। खेलों इंडिया ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल प्रदान किया है। इसके साथ ही महिला खिलाड़ी भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
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