Koyel Bar: भारत की युवा भारोत्तोलक कोयल बार ने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में दो नए युवा विश्व रिकॉर्ड स्थापित करके युवा और जूनियर दोनों खिताब जीत लिए हैं। इसके अलावा इस 17 साल की कोयल ने गजब का जज्बा दिखाते हुए उस समय सुर्खियां बटोरीं, जब बिंदियारानी और मुथुरमुथुपंडी राजा जैसे भारोत्तोलक पदक जीतने में सफल रहे। तभी तो अब उनको आने वाले समय का स्टार माना जा रहा है।
कोयल बार बनाए दो विश्व रिकॉर्ड :-
भारत की युवा भारोत्तोलक कोयल बार ने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में दो नए युवा विश्व रिकॉर्ड स्थापित करके युवा और जूनियर दोनों खिताब जीत लिए हैं। वहीं इस युवा खिलाड़ी ने जूनियर और युवा दोनों वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए कुल 192 किग्रा (85 किग्रा + 107 किग्रा) वजन उठाया।

इसके चलते हुए उन्होंने पहले 85 किग्रा भार उठाकर युवा स्नैच विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद फिर उसने क्लीन एंड जर्क में अपने दूसरे प्रयास में 107 किग्रा भार उठाकर 105 किग्रा के रिकॉर्ड को बेहतर किया। इसके चलते हुए उन्होंने अब 188 किग्रा के मौजूदा युवा विश्व कुल रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।
स्नेहा सोरेन से अच्छा था कोयल का प्रयास :-

इस चैंपियनशिप में कोयल का प्रयास उनकी हमवतन स्नेहा सोरेन से तीन बेहतर था। क्यूंकि स्नेहा ने 185 किग्रा (81 किग्रा + 104 किग्रा) के साथ सीनियर वर्ग में रजत पदक जीता है। वहीं इससे पहले महिलाओं में भारत की बिंदियारानी देवी और पुरुषों में मुथुपंडी राजा ने भी बीते दिन अहमदाबाद में खेली जा रहे कॉमनवेल्थ भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2025 में रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन फिर भी पूरी सुर्खियां गजब का जज्बा दिखाने वाली 17 साल की युवा कोयल ने बटोरीं।
बिंदियारानी ने जीता रजत पदक :-
इसके अलावा महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में भाग लेने वाली बिंदियारानी ने 206 किग्रा (91 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर रजत पदक जीता है। इस बार उन्होने स्नैच में 85 किग्रा, 88 किग्रा और 91 किग्रा भार उठाया और क्लीन एंड जर्क में 110 किग्रा और 115 किग्रा भार उठाया था। जबकि वह अपने अंतिम 122 किग्रा प्रयास को उठाने में असफल रही थीं और दूसरे पायदान पर रहीं हैं।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की कियाना इलियट ने 212 किग्रा (100 किग्रा + 112 किग्रा) के साथ इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। वहीं इससे पहले भी साल 2022 में बिंदियारानी बर्मिंघम में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 किग्रा वर्ग में रजत पदक विजेता हैं। इसके अलावा वह पूर्व राष्ट्रमंडल चैंपियन भी हैं। क्यूंकि उन्होंने साल 2019 में स्वर्ण और 2021 संस्करणों में रजत पदक जीता है।
मुथुपंडी ने भी जीता रजत पदक :-
इसके बाद अब बात करते हैं पुरुष वर्ग की तो, मुथुपंडी राजा 65 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंच गए थे। लेकिन 296 किग्रा (128 किग्रा+168 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। इसके बाद मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने 297 किग्रा (125 किग्रा+172 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया। जबकि पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू 292 किग्रा (127 किग्रा+165 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीतने में सफल रहे हैं।

इस टूर्नामेंट के 30वें संस्करण में अबकी बार 31 देशों के 300 से ज्यादा भारोत्तोलक हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इस बार साल 2020 टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने भी बीते सोमवार को महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ भारत के अभियान की शानदार शुरुआत की थी। इसके चलते हुए उन्होंने अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालिफिकेशन हासिल किया था।
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