Djokovic and Bencic reach Wimbledon 2025 quarterfinals: नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र उनके खेल में बाधा नहीं बन सकती। 38 वर्षीय सर्बियाई स्टार ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर को हराकर विम्बलडन 2025 के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। यह जोकोविच का विम्बलडन में 16वां क्वार्टरफाइनल है, लेकिन इस बार की जीत इतनी आसान नहीं रही।
पहले सेट में पिछड़ने के बाद जोकोविच ने की शानदार वापसी
मैच की शुरुआत जोकोविच के लिए निराशाजनक रही। उन्होंने पहला सेट मात्र 31 मिनट में 1-6 से गंवा दिया। शुरुआती गेम में उनका सर्विस गेम बिगड़ा हुआ दिखा और वे तीन बार ब्रेक हो गए। लेकिन उसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और अगले तीनों सेट 6-4, 6-4, 6-4 से जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
रॉयल बॉक्स में रही फेडरर की मौजूदगी
मैच के दौरान रॉयल बॉक्स में बैठे रोजर फेडरर की मौजूदगी भी खास रही। फेडरर के रिकॉर्ड आठ विम्बलडन पुरुष सिंगल्स खिताबों की बराबरी करने की कोशिश कर रहे जोकोविच शुरूआती सेट में पूरी तरह असंतुलित दिखे। उनके खेल में कई डबल फॉल्ट, गलत फोरहैंड और कमजोर मूवमेंट दिखा, जिससे डी मिनौर को शुरुआती बढ़त बनाने का मौका मिल गया।
डी मिनौर की चुनौती और जोकोविच का अनुभव
डी मिनौर ने अपनी तेज मूवमेंट और शॉट प्लेसमेंट से जोकोविच को शुरुआत में काफी परेशान किया। उन्होंने चौथे सेट में 4-1 की बढ़त बना ली थी और एक समय 5-1 की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन जोकोविच ने अनुभव का परिचय देते हुए लगातार पांच गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद कोर्ट पर जोकोविच ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे अभी भी नहीं पता मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। मैच की शुरुआत मेरे लिए बहुत खराब रही, जबकि एलेक्स ने शानदार शुरुआत की थी।”
यह जोकोविच की विम्बलडन में पिछले 45 मैचों में 43वीं जीत है। उन्होंने 2017 के बाद से यहां कभी क्वार्टरफाइनल से पहले हार नहीं झेली है।
क्वार्टरफाइनल में होगी फ्लावियो कबोली से भिड़ंत
अब जोकोविच क्वार्टरफाइनल में इटली के 22वीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कबोली का सामना करेंगे। यह मुकाबला जोकोविच के करियर के 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर एक और कदम हो सकता है, लेकिन कबोली जैसे युवा खिलाड़ी के खिलाफ उन्हें सतर्क रहना होगा।
बेलिंडा बेंकिक भी पहली बार विम्बलडन के क्वार्टरफाइनल में पहुंची
स्विट्जरलैंड की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट बेलिंडा बेंकिक ने भी सोमवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने रूस की 18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्सांद्रोवा को 7-6 (4), 6-4 से हराकर पहली बार विम्बलडन के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
बता दें कि, बेंकिक ने 2013 में पहली बार विम्बलडन खेला था, लेकिन वह पिछले तीन मौकों पर चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई थीं। इस बार उन्होंने उस रुकावट को पार कर लिया और कहा, “मैं हमेशा यहां चौथे राउंड में ही फंस जाती थी। आज का दिन मेरे लिए बेहद खास है।”
मुश्किल गेम में छठे मैच प्वाइंट पर मिली जीत
बेंकिक को दूसरे सेट में 5-3 की बढ़त के साथ मैच खत्म करने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने पांच मैच प्वाइंट गंवा दिए। अंत में छठे मौके पर अलेक्सांद्रोवा की फोरहैंड गलती से उन्हें जीत मिली।
बेंकिक ने इस पर कहा, “आपके लिए ये गेम एंटरटेनिंग रहा होगा, लेकिन मेरे लिए यह बहुत तनावभरा था।”
मां बनने के बाद बेंकिक ने की शानदार वापसी
बेलिंडा बेंकिक इस साल अप्रैल में एक बच्ची की मां बनीं। उन्होंने कहा कि बेटी बेला के साथ सफर करना अभी आसान है, क्योंकि वह बहुत छोटी है। हालांकि, अब वह हर टूर्नामेंट में ज्यादा तस्वीरें खींच रही हैं और मां बनने के बाद उनका अनुभव पूरी तरह बदल गया है।
इस बार विम्बलडन में जहां एक ओर जोकोविच जैसे अनुभवी खिलाड़ी इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं बेंकिक जैसी खिलाड़ी मां बनने के बाद टेनिस में नई शुरुआत कर रही हैं। यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक क्षमता की परीक्षा ले रहा है, और आने वाले दिनों में मुकाबले और भी रोमांचक हो सकते हैं।
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