जर्मनी के 17 वर्षीय युवा टेनिस सनसनी जस्टिन एंगेल (Justin Engel) ने हाल ही में अपने एटीपी करियर का पहला मैच जीता। इसी के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया। एंगेल ने सोमवार को अल्माटी ओपन 2024 (Almaty Open 2024) के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में हांगकांग के कोलमैन वोंग को 7-5, 6-4 से हराया ।
एंगेल ने वोंग पर जीत हासिल करने के बाद राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई, जहाँ बुधवार को उनका मुकाबला अर्जेंटीना के फ्रांसिस्को सेरुंडोलो से होगा। सेरुंडोलो वर्तमान समय में एटीपी रैंकिंग में 31वें स्थान पर हैं, जबकि इससे पहले उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 19 रही है।
जस्टिन एंगेल ने अपना पहला एटीपी मैच जीतकर रचा इतिहास
Justin Engel (Almaty Open 2024)
जर्मनी के जस्टिन एंगेल (Justin Engel) ने अल्माटी ओपन 2024 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में कोलमैन वोंग को हराकर इतिहास रच दिया। वह एटीपी मैच जीतने वाले 2007 में जन्मे पहले और स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ के बाद यह कारनामा करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। अल्काराज़ ने साल 2020 में 16 वर्ष की उम्र में अपना पहला एटीपी मैच जीता था।
Justin Engel: एक किकबॉक्सर जिसने बाद में टेनिस में बनाया करियर
जस्टिन एंगेल बेहद ही कम उम्र से किकबॉक्सिंग किया करते थे। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि, वह प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग करना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने टेनिस खेलने का फैसला किया।
एंजेल ने Tennis.com को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा:
मैं अभी भी किकबॉक्सिंग करता हूँ। मैं इसमें बहुत अच्छा हूँ। तो हाँ, यह थोड़ा मज़ेदार है। मैं प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग भी करना चाहता था, लेकिन मैंने टेनिस खेलने का फैसला किया, क्योंकि यह ज़्यादा सुरक्षित है।
हालाँकि, एंगेल को यह बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि, उन्हें अल्माटी ओपन में खेलने का मौक़ा मिलेगा। इससे पहले उनकी योजना इटली में चैलेंजर में क्वालीफाइंग खेलने की थी। लेकिन बाद में उन्हें एटीपी 250 इवेंट में मुख्य ड्रॉ वाइल्ड कार्ड के साथ टूर-लेवल डेब्यू करने का मौका दिया गया। 17 वर्षीय जर्मन ने बताया कि, जब उन्हें एक एटीपी इवेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली तो, वह इस खबर से अवाक रह गए थे।
युवा खिलाड़ी ने कहा:
एटीपी इवेंट में वाइल्ड कार्ड मिलने की खबर से मैं अवाक रह गया। यह बिलकुल बेतरतीब था, लेकिन मैं बहुत खुश था। यहाँ की सारी सुविधाएँ, अल्माटी का होटल, यह सब अविश्वसनीय है। मैंने अपने पिता से पहले ही कह दिया था कि मैं यहाँ दो सप्ताह तक रहना चाहता हूँ, लेकिन निश्चित रूप से हमें इसके बाद घर वापस जाना होगा। लेकिन मैं अगले साल इस टूर्नामेंट में खेलने की कोशिश करूँगा क्योंकि यहाँ बहुत अच्छा है।
बता दें कि, एंगेल के पिता होर्स्ट का उनके करियर पर गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने बताया कि, उनके पिटा ने ही उन्हें टेनिस के लिए प्रेरित किया, जबकि वह प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग करना चाहते थे।
17 वर्षीय जर्मन खिलाड़ी ने बताया:
मेरे माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो प्रोफेशनल टेनिस खेलें, इसलिए उन्होंने एक ‘सामान्य’ नौकरी कर ली। उन्होंने त्यौहारों के लिए बड़े, चौड़े टेंट बनाए। 10 साल बाद, उन्होंने एंका (बार्ना) के साथ खूब ट्रेनिंग किया, गेंदें मारीं। एक दिन, उन्होंने मेरे पिताजी से कहा, ‘हम हर दिन पूरे दिन अभ्यास करते हैं। आप मेरे कोच क्यों नहीं बनना चाहते?’ तो फिर मेरे पिता ने एंका को तब कोचिंग दी जब वह 800 [वर्ल्ड रैंकिंग में] थी और उसे 43वें नंबर पर लाने में मदद की। यही उनकी कहानी है।
उन्होंने आगे कहा:
11 साल की उम्र तक मुझे टेनिस पसंद नहीं था या मैं इससे नफरत करता था। लेकिन अब मुझे खुशी है कि मेरे पिता ने मुझे यह सब करने के लिए प्रेरित किया।
राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच का जस्टिन एंगेल के जीवन पर है गहरा प्रभाव
Rafael Nadal and Novak Djokovic
युवा जर्मन ने राफेल नडाल (Rafael Nadal) और नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का अपने जीवन पर पड़े गहरे प्रभाव के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि, किस तरह से नडाल के अप्रोच ने उनकी गेंद को मारने की क्षमता के साथ-साथ उल्लेखनीय प्रभाव डाला।
कोर्ट पर उनकी (राफेल नडाल की) ताकत देखना बहुत खास था।
नोवाक जोकोविच की एथलेटिक क्षमता और साथ ही उनके शरीर को मंदिर की तरह रखने के तरीके ने भी एंगेल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
एंगेल कहते हैं:
मैंने उनकी किताब खरीदी थी जिसमें बताया गया था कि वह क्या खाते हैं और सब कुछ, इसलिए मैं भी उनके जैसा बनना चाहता था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जोकोविच के अविश्वसनीय अनुशासन की बराबरी कर पाए हैं, तब एंगेल ने हंसते हुए कहा,
नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करता हूं, लेकिन मेरा मतलब है कि यह बहुत कठिन है। मैं इतनी चीनी नहीं खाता, लगभग कुछ भी नहीं। लेकिन इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो मुझे खाने की ज़रूरत है।
नवंबर में मलागा में होने वाले डेविस कप फाइनल के बाद नडाल के संन्यास के फैसले पर एंगेल ने स्पैनियार्ड की महानता को कभी करीब से न देख पाने का दुख प्रकट किया। 37 साल की उम्र में भी जोकोविच टूर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, मौजूदा नंबर 458 रैंकिंग वाले एंगेल चाहते हैं कि सर्बियाई खिलाड़ी का यह कार्यकाल इतना लंबा चले कि वे दोनों एक-दूसरे से मिल सकें।
मुझे उम्मीद है कि वह (जोकोविच) राफ़ा की तरह रिटायर नहीं होंगे! मुझे उम्मीद है कि जब मैं खेल रहा हूँ, तब वह भी खेल रहे होंगे। यह बहुत अच्छा होगा।
Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।