24 जून का दिन टेनिस इतिहास के खास था, क्योंकि ये वो ही दिन था जब वहां बैठे दर्शक दुनिया के सबसे लंबे मैच की गवाह बनने वाले थें। आमतौर पर टेनिस के अधिकतर मुकाबले 2 से 3 घंटे तक चलते हैं। लेकिन ये मैच कुछ खास था। वैसे तो इस टेनिस मैच की शुरुआत 22 जून 2010 को हो गई थी, लेकिन इस मैच में कुछ ऐसा कमाल हुआ, जिसकी वजह से ये 3 दिन के बाद पूरा हुआ।
11 घंटे 5 मिनट तक चला मैच
कुल 11 घंटे 5 मिनट तक चलने वाला ये मैच लंदन के विम्बलडन चैंपियनशिप के दौरान खेला गया था। वैसे तो ये मैच दिखने में बेहद आम लग रहा था और इसके खिलाड़ी भी टेनिस की दुनिया के ज्यादा बड़े चैहरे नहीं थें, लेकिन वहां बैठे दर्शक और उन करोड़ों टेनिस प्रेमियों को कहां पता था कि इस दिन कुछ खास होने वाला है। ये मैच अमेरिका के जॉन इसनर और फ्रांस के निकोलस माहुत के बीच खेला गया था।

मौसम बना था मैच में बाधा का कारण
22 जून 2010 को ये ऐतिहासिक मुकाबला हुआ था और जैसे ही दोनों खिलाड़ी 2-2 के सेट की बराबरी पर पहुंचे तो खराब रोशनी के चलते मैच को अगले दिन के लिए टाल दिया गया। इसके बाद हर टेनिस प्रेमी को ये लग रहा था कि ये मैच 23 जून के दिन समाप्त हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरे दिन भी मौसम के खलल डाली और फिर से मैच को तीसरे दिन के लिए टालना पड़ा। दूसरे दिन के खेल तक कुल 118 सेट खेले जा चुके थे और 5वें सेट का स्कोर 59-59 से टाई रहा।

कुछ ऐसे हुई मैच की समाप्ती
खराब मौसम के चलते दो दिन के बाद वहां बैठे दर्शक तीसरे दिन के लिए भी आशंकित थे कि क्या आज भी मैच खत्म हो पाएगा या नहीं? फिलहाल तीसरे दिन दर्शकों की बेताबी खत्म होने वाली थी। लंबे इंतजार के बाद तीसरे दिन जॉन इसनर ने 70-60 के अंतर से सेट को अपने नाम किया और मैच खत्म हो गया। जॉन इसनर ने निकोलस माहुत को 6-4, 3-6, 6-7 (7-9), 7-6 (7-3). 70-68 से हराया। इस मैच का आखिरी सेट 8 घंटे 11 मिनट तक चला था। जिसमें क कुल 138 गेम खेले गए थे। इसको टेनिस इतिहास में अब तक का सबसे लंबा मैच माना जाता है।

