Monday, February 2

Why is Tennis Scored 15, 30, 40? : टेनिस एक ऐसा खेल है जिसे दुनियाभर में पसंद किया जाता है। चाहे ग्रैंड स्लैम हों या फिर दूसरे बड़े टूर्नामेंट, हर जगह इसकी अलग ही पॉपुलैरिटी देखने को मिलती है। हालांकि, जो लोग इस खेल को पहली बार देखते हैं, उनके मन में अक्सर एक सवाल आता है कि इसमें स्कोर 15, 30, 40 क्यों गिना जाता है? आखिर ऐसा क्या कारण है जो इसे दूसरे खेलों से अलग बनाता है? चलिए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।

टेनिस में स्कोरिंग कैसे होती है?

टेनिस के हर गेम की शुरुआत 0-0 से होती है, जिसे ‘लव-लव’ कहा जाता है। जैसे ही कोई खिलाड़ी पहला पॉइंट जीतता है, उसका स्कोर 15 हो जाता है। फिर दूसरा पॉइंट जीतने पर 30 और तीसरे पॉइंट पर स्कोर 40 हो जाता है। इसके बाद चौथा पॉइंट जीतने पर खिलाड़ी वह गेम जीत लेता है।

लेकिन अगर दोनों खिलाड़ी 40-40 पर पहुंच जाते हैं तो इसे ‘ड्यूस’ कहते हैं। ड्यूस के बाद जो खिलाड़ी अगला पॉइंट जीतता है, उसे ‘एडवांटेज’ मिलता है। इसके बाद यदि वह एक और पॉइंट जीत लेता है तो वह गेम उसके नाम हो जाता है। इसके अलावा, अगर वह एडवांटेज के बाद अगला पॉइंट हार जाता है, तो स्कोर फिर से ड्यूस (40-40) हो जाता है। यही सिलसिला तब तक चलता है, जब तक कोई खिलाड़ी ड्यूस के बाद लगातार दो पॉइंट नहीं जीत लेता।

टेनिस में हर सेट में कितने गेम होते हैं?

टेनिस के खेल में जो खिलाड़ी पहले छह गेम जीत लेता है और वह विपक्षी खिलाड़ी से कम से कम दो गेम की बढ़त लेता है, वह सेट जीत जाता है। यदि स्कोर 5-5 हो जाए तो खिलाड़ी को सात गेम जीतने होते हैं। वहीं अगर स्कोर 6-6 पर पहुंच जाए तो ‘टाईब्रेक’ खेला जाता है। टाईब्रेक में जो भी खिलाड़ी पहले 7 पॉइंट जीतता है, वह उस सेट का विजेता बनता है।

टेनिस में स्कोर की गिनती 15, 30, 40 में क्यों होती है?

अब सबसे बड़ा सवाल है कि टेनिस में स्कोर की गिनती 1, 2, 3 की जगह 15, 30, 40 में क्यों होती है? दरअसल, इसके पीछे एक दिलचस्प थ्योरी है, जिसके बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

कहा जाता है कि जब टेनिस खेल की शुरुआत हुई थी, तब स्कोरिंग को घड़ी के डायल पर गिना जाता था। हर बार जब कोई खिलाड़ी पॉइंट जीतता तो घड़ी की सुई को 15 मिनट आगे बढ़ाया जाता था। इस तरह पहला पॉइंट 15 मिनट, दूसरा 30 मिनट, तीसरा 45 मिनट और चौथा 60 मिनट माना जाता था, जो गेम जीतने का स्कोर होता था।

लेकिन समय के साथ खिलाड़ियों को यह लगा कि अगर 45 के बाद 60 आ जाएगा तो खेल खत्म हो जाएगा, जबकि टेनिस में नियम है कि खिलाड़ी को कोई भी गेम कम से कम दो पॉइंट से जीतना जरूरी है। इसी वजह से इसे 45 की जगह 40 तय कर दिया गया।

इस तरह, जब खिलाड़ी 40-40 पर पहुंचते हैं तो अगला पॉइंट जीतने पर वह एडवांटेज पर आता है और उसके बाद एक और पॉइंट जीतकर गेम अपने नाम करता है।

टेनिस से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें यूट्यूबफेसबुकइंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

Share.

Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

Leave A Reply

Exit mobile version