Snooker: भारत के तमिलनाडु की 23 वर्षीय स्नूकर खिलाड़ी अनुपमा रामचंद्रन ने भारतीय खेल इतिहास में सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। क्यूंकि उन्होंने आईबीएसएफ वर्ल्ड स्नूकर (15-रेड) चैंपियनशिप 2025 जीत ली है। वहीं अब अनुपमा की यह जीत केवल एक खिताब नहीं है बल्कि एक बड़ा संदेश है। इस बीच उन्होंने दिखा दिया है कि प्रतिभा, मेहनत और विश्वास मिल जाएं तो इतिहास बदल जाता है।
अनुपमा रामचंद्रन ने जीता स्नूकर का बड़ा खिताब :-
भारत के तमिलनाडु की रहने वाली 23 वर्षीय युवा स्नूकर खिलाड़ी अनुपमा रामचंद्रन ने भारतीय खेल जगत के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। क्यूंकि अब उन्होंने हांगकांग की तीन बार की विश्व चैंपियन ऑन यी को हराकर आईबीएसएफ वर्ल्ड स्नूकर (15-रेड) चैंपियनशिप 2025 जीत ली है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने महिला श्रेणी में पहली बार विश्व स्नूकर खिताब पर कब्ज़ा किया है।

इसके अलावा यह फाइनल मैच काफी रोमांचक भरा रहा था। इसको भारत की स्नूकर खिलाड़ी अनुपमा ने 3-2 से जीता है। इसके अलावा इस निर्णायक फ्रेम में उनका भाग्य भी उनके साथ था। क्यूंकि एक समय 60-61 के स्कोर पर ऑन यी अंतिम ब्लैक लगाकर जीत सकती थीं। लेकिन उनका शॉट चूक गया और अनुपमा ने यह मौका भुनाते हुए भारत के लिए खिताब जीतकर अपने नाम इतिहास ही लिख दिया।
कौन हैं अनुपमा रामचंद्रन :-
अनुपमा रामचंद्रन का जन्म 19 मई 2002 को चेन्नई में हुआ था। वहीं इस खिलाड़ी का स्नूकर करियर किसी प्लानिंग से नहीं बल्कि एक संयोग से शुरू हुआ था। क्यूंकि केवल 13 साल की उम्र में अनुपमा गर्मियों की छुट्टियों में मायलापुर क्लब में एक बिलियर्ड्स वर्कशॉप में पहुंचीं थी।

तब वहीं से उनकी प्रतिभा की चमक दिखाई देने लगी थी। इसके बाद क्लब के कोचों और परिवार ने समझ लिया था कि यह बच्ची इस खेल के लिए बनी है। इसके अलावा दो साल बाद केवल 15 वर्ष की आयु में ही उन्होंने प्रतिस्पर्धात्मक स्नूकर खेलना शुरू कर दिया था।
अनुपमा ने बिठाया पढ़ाई और खेल में संतुलन :-

इसके अलावा भारत की स्नूकर चैंपियन अनुपमा ने विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की है ,वहीं इस समय वह एमओपी वैष्णव कॉलेज फॉर वुमन से पब्लिक पॉलिसी में पोस्टग्रेजुएशन कर रही हैं। लेकिन उनके लिए तब खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। फिर भी वह इस चुनौती को बखूबी निभा रही हैं। तभी तो अब यह उनकी अनुशासन, मानसिक शक्ति और समर्पण का प्रमाण है।
अनुपमा की कोचिंग, सफर और उपलब्धियां :-
इसके अलावा अनुपमा के कोच और मामा के. नारायणन उनकी खेल तकनीक, मानसिक मजबूती और रणनीति को गाइड करते हैं। इसके चलते हुए वह अभी तक आठ राष्ट्रीय जूनियर खिताब जीत चुकी हैं। इसके बाद वह साल 2017 में रूस में वर्ल्ड अंडर-16 स्नूकर चैंपियन बनीं थी। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में आमी कमानी के साथ वर्ल्ड स्नूकर कप जीता था।

जबकि साल 2023 में ही वह वर्ल्ड अंडर-21 स्नूकर चैंपियन बनीं थी। इसके बाद साल 2024 में वह यूएस विमेंस ओपन में रनर-अप रहीं थी। इसके चलते हुए मार्च 2025 में अनुपमा विश्व रैंकिंग में नंबर छह तक पहुंच चुकी थीं। इसके अलावा अब उनका यह खिताब उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।
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