FIFA WC 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सीजन इस फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण बनने जा रहा है। क्यूंकि इसमें पहली बार 32 की जगह कुल 48 टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं। जबकि इस बार यह टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला है। इसके लिए करीब ढाई साल तक दुनिया के हर कोने में क्वालिफिकेशन मैच खेले गए थे।
इस बीच छोटे देशों से लेकर दिग्गज टीमों तक हर किसी को इस बार अपनी जगह पक्की करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। इसके चलते हुए अब 48 टीमों की पूरी लिस्ट सामने है और फुटबॉल विश्व कप का मंच तैयार है। इसके अलावा अब यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा महाकुंभ बनने जा रहा है।
जानिए कैसे हुआ क्वालिफिकेशन और कितनी टीमें कहां से हैं :-
इस बार फीफा के छह महाद्वीपीय संघों के जरिए इन सभी टीमों का चयन किया गया है। वहीं इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह रहा है कि छोटे देशों को भी खेलने का मौका मिला है। क्यूंकि पहले फुटबॉल वर्ल्ड कप में जगह बनाना काफी मुश्किल होता था।

लेकिन अब नए देशों के लिए भी इस टूर्नामेंट के दरवाजे खुले हैं। इसके चलते हुए अब यह टूर्नामेंट और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन गया है। वहीं मेजबान होने के कारण अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको को इस टूर्नामेंट में सीधे एंट्री मिली है। जबकि बाकि की टीमों को लंबे क्वालिफाइंग टूर्नामेंट और प्लेऑफ से गुजरना पड़ा है।
नए फॉर्मेट में खेला जाएगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 :-
इस बार कुल 48 टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है। इसके चलते हुए अब हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। हर टीम ग्रुप स्टेज में तीन मैच खेलेगी। इसके चलते हुए 39 दिनों में कुल 104 मैच खेले जाएंगे। इसके बाद ग्रुप की टॉप दो टीमें और आठ बेस्ट तीसरे स्थान वाली टीमें नॉकआउट स्टेज यानी राउंड ऑफ 32 में पहुंच जाएंगी।

इसके चलते हुए इस बार मैचों की संख्या बढ़ेगी और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होगा। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में जीत हासिल करने वाली टीमें प्री क्वार्टरफाइनल (16 टीमें) में पहुंच जाएंगी। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में जीतने वाली टीमें फिर क्वार्टर फाइनल में और वहां जीतने वाली टीमें फिर सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगी।
कब और कहां खेला जाएगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 :-

इसके अलावा इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून 2026 से होने वाली है। इस टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच में मैक्सिको की टीम और दक्षिण अफ्रीका की टीम के बीच खेला जाएगा। इसके अलावा इस बार पूरी दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट पर रहने वाली हैं। इसके अलावा इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच आगामी 19 जुलाई को मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में प्रत्येक महाद्वीप से भाग लेने वाली 48 टीमों की सूची :-
एशिया फुटबॉल संघ (एएफसी) के 9 प्रतिनिधि हैं : ऑस्ट्रेलिया, ईरान, जापान, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और इराक।
अफ्रीकी संघ (सीएएफ) का प्रतिनिधित्व 10 टीमें करती हैं : अल्जीरिया, काबो वर्डे, आइवरी कोस्ट, मिस्र, घाना, मोरक्को, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य।
उत्तरी, मध्य अमेरिका और कैरेबियन (CONCACAF) क्षेत्र में छह टीमें हैं : संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, कुराकाओ, हैती और पनामा।
दक्षिण अमेरिका (CONMEBOL) के 6 प्रतिनिधि हैं : अर्जेंटीना, ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पैराग्वे और उरुग्वे।
ओशिनिया (ओएफसी) का केवल एक ही प्रतिनिधि है : न्यूजीलैंड।
यूरोप (यूईएफए) में सबसे अधिक 16 टीमें हैं, जिनमें इंग्लैंड, फ्रांस, क्रोएशिया, नॉर्वे, पुर्तगाल, जर्मनी, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, स्कॉटलैंड, स्पेन, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, तुर्की, बोस्निया और हर्जेगोविना और चेक गणराज्य शामिल हैं।
40 साल बाद इराक फुटबॉल टीम की हुई इसमें वापसी :-
इसके अलावा फीफा विश्व कप की सबसे भावुक कहानी इराक टीम की रही है। क्यूंकि इराक ने साल 1986 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। इस बार इराक की टीम ने इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में बोलिविया को 2-1 से हराया था।

तब उनकी यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि चार दशकों के इंतजार का अंत भी थी। इस बार युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और संसाधनों की कमी के बावजूद इराकी टीम ने हार नहीं मानी थी। इस बीच उनकी यह उपलब्धि यह दिखाती है कि फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि उम्मीद और जुनून का प्रतीक है।
ईरान विवाद और फीफा का स्टैंड :-
इस मौजूदा समय में ईरान को लेकर काफी विवाद हुआ है। क्यूंकि इस समय राजनीतिक तनाव के कारण उनकी भागीदारी पर सवाल उठे हैं। इस बीच अब लेकिन फीफा अध्यक्ष गियानी इनफैनटिनो ने साफ किया है कि, “हम ईरान की टीम को पूरा समर्थन देंगे और वे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार खेलेंगे।” वहीं उनके इस बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई और टूर्नामेंट पर मंडरा रहे सवाल खत्म हो गए हैं।
इस बार किस गेंद से खेला जाएगा यह टूर्नामेंट :-
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए आधिकारिक मैच बॉल ‘ट्रियोन्डा’ का अनावरण कर दिया गया है। क्यूंकि इस बार फीफा और एडिडास ने मिलकर इस ऐतिहासिक बॉल को तैयार किया है। वहीं यह गेंद विश्व कप की एकता और जुनून को दर्शाती है। इसके अलावा ट्रियोन्डा नाम का अर्थ स्पेनिश भाषा से लिया गया है। इसका मतलब है ‘तीन लहरें’। वहीं यह नाम उन तीन मेजबान देशों- कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका को मिलाकर इस वर्ल्ड कप की मेजबानी के जश्न को भी दर्शाता है।

इसके बाद फीफा ने कहा है कि यह बॉल केवल एक खेल उपकरण नहीं है बल्कि तीनों राष्ट्रों की साझी ताकत और फुटबॉल प्रेम का प्रतीक है। इसके अलावा इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 फुटबॉल के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे अनोखा संस्करण भी होने वाला है। क्यूंकि इस बार कुल 48 टीमों के साथ यह टूर्नामेंट खेल की दिशा बदल सकता है। वहीं इस बार जहां एक ओर इराक जैसी टीमों की वापसी खेल की उम्मीद जगाती है तो वहीं इटली का बाहर होना चेतावनी देता है कि अब कोई भी टीम सुरक्षित नहीं है।
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