नीतीश राणा ने बताया कि 2016 में उन्हें खुद पर भरोसा नहीं था।
आईपीएल 2026 के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज नीतीश राणा ने एक इंटरव्यू में अपने करियर के शुरुआती संघर्ष और मौजूदा सोच को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे एक समय ऐसा था जब उन्हें खुद पर ही भरोसा नहीं था, लेकिन अब वह पूरी तरह बदल चुके हैं।
इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स में राणा की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में उनका यह बयान टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है और यह दिखाता है कि वह मानसिक रूप से कितने मजबूत होकर इस सीजन में उतरे हैं।
“2016 में मुझे खुद पर शक था” – नीतीश राणा
नीतीश राणा ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा,
“2016 में मेरे मन में कई सवाल थे। मुझे लगता था कि क्या मैं इस बड़े मंच के लिए बना हूं? क्या मैं इतने साल आईपीएल खेल पाऊंगा?”
उन्होंने आगे कहा, “समय के साथ मैंने खुद पर भरोसा करना सीखा। अब मैं पहले से ज्यादा स्पष्ट सोच के साथ खेलता हूं और अपने खेल पर पूरा विश्वास है।”
जिम्मेदारी मिलने पर और निखरता है खेल
राणा ने बताया कि जब भी उन्हें जिम्मेदारी मिलती है, उनका प्रदर्शन और बेहतर हो जाता है।
उन्होंने कहा, “बचपन से ही मैं जिम्मेदारी लेकर खेलता आया हूं। जब मुझे कप्तानी मिली, तब भी मेरा खेल और बेहतर हुआ क्योंकि मैं खुद को मैच जिताने वाला खिलाड़ी मानता हूं।”
दिल्ली के लिए खेलना उनके लिए खास
राजस्थान से दिल्ली कैपिटल्स में आने के फैसले को लेकर राणा ने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक रूप से भी खास है।
राणा ने बताया, “मैंने अपना सारा क्रिकेट दिल्ली में खेला है। हमेशा से लगता था कि एक दिन मुझे इस टीम के लिए खेलने का मौका जरूर मिलेगा।”
आईपीएल 2026 में क्या होगी भूमिका
राणा ने साफ किया कि वह खुद को एक समझदार बल्लेबाज मानते हैं, जो मैच की स्थिति के हिसाब से खेलता है।
उन्होंने कहा, “अगर टीम को साझेदारी चाहिए तो मैं वह भी कर सकता हूं और अगर तेज रन बनाने की जरूरत हो तो मैं आक्रामक खेल भी दिखा सकता हूं।”
स्पिन के खिलाफ रिकॉर्ड पर क्या बोले राणा
ऑफ स्पिन गेंदबाज आर अश्विन के खिलाफ अपने अच्छे रिकॉर्ड पर राणा ने दिलचस्प प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “मैं कभी किसी एक गेंदबाज के बारे में अलग से नहीं सोचता। मैं हमेशा मैच की स्थिति के हिसाब से खेलता हूं और मौके मिलने पर रन बनाने की कोशिश करता हूं।”
अब पूरी तरह बदल चुका है सोचने का तरीका
राणा ने अपने पुराने और नए सोच के बीच का फर्क भी बताया।
उन्होंने कहा, “पहले मैं जल्दी आउट होने पर खुद को सजा देता था, लेकिन अब समझ गया हूं कि इस खेल में असफलता भी होती है। जितना खेल को सरल रखोगे, उतना अच्छा खेल पाओगे।”
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