अलग-अलग मैचों में एक जैसी तकनीकी गलतियों के कारण संजू सैमसन लगातार नई गेंद पर आउट हो रहे हैं।
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेल रहे संजू सैमसन का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड होकर टीम में शामिल होने के बाद उन्हें टॉप ऑर्डर में सलामी बल्लेबाज की भूमिका दी गई, लेकिन शुरुआती तीन पारियों में वह बड़ी शुरुआत देने में असफल रहे हैं।
उन्होंने इस सीजन अपने तीन मैचों में अब तक क्रमशः 6(7), 7(7) और 9(5) रनों की पारियां खेली हैं। तीनों ही मैचों में उनके आउट होने का एक क्लियर पैटर्न भी दिखाई देता है। हर मैच में गेंदबाज भले अलग रहे, लेकिन सैमसन की गलती लगभग एक जैसी रही, जिसे आंकड़ों और मैच सिचुएशन के अनुसार आसानी से समझा जा सकता है। यहाँ हम आपको आईपीएल 2026 में CSK के लिए संजू सैमसन के फ्लॉप होने के 5 बड़े कारण बताने जा रहे हैं।
इन 5 बड़े कारणों से आईपीएल 2026 में CSK के लिए फ्लॉप हो रहे हैं संजू सैमसन
1. हर मैच में सामने आई फुटवर्क की गलती
अगर तीनों पारियों को देखें तो सैमसन का फुटवर्क लगातार अस्थिर रहा है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नांद्रे बर्गर की गेंद पर वह गेंद की लाइन में नहीं आए और क्रॉस खेलते हुए पूरी तरह चूक गए, जिससे वह बोल्ड हो गए।
पंजाब किंग्स के खिलाफ भी उनका बैलेंस सही नहीं था, जहां बाहर जाती गेंद पर उन्होंने क्रीज से ही ड्राइव खेलने की कोशिश की और एज लग गया। बेंगलुरु के खिलाफ जैकब डफी की गेंद पर भी उनके पैर नहीं चले और उन्होंने सिर्फ हाथों से शॉट खेला, जिसका नतीजा स्लिप में कैच के रूप में सामने आया।
2. ऑफ स्टंप चैनल में बार-बार फंसना
तीनों मैचों में एक कॉमन पैटर्न यह रहा कि गेंदबाजों ने उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर या उसी लाइन में गेंदबाजी की और सैमसन हर बार उसी जाल में फंसते दिखे।
पंजाब के खिलाफ जेवियर बार्टलेट ने लगातार बाहर जाती गेंदें डालीं, जहां सैमसन ड्राइव के लिए आगे बढ़े लेकिन मूवमेंट को कवर नहीं कर पाए। इसी तरह बेंगलुरु के खिलाफ डफी ने एंगल बनाकर गेंद बाहर रखी, जिस पर उन्होंने बिना कंट्रोल के शॉट खेला और मोटा एज दे बैठे।
3. शॉट सिलेक्शन में जल्दबाजी
सैमसन की बल्लेबाजी में सबसे बड़ा फर्क उनके शॉट सिलेक्शन में दिख रहा है। तीनों मैचों में उन्होंने शुरुआत में ही अटैक करने का फैसला लिया, लेकिन गेंद की क्वालिटी के हिसाब से खुद को एडजस्ट नहीं किया।
पंजाब के खिलाफ एक गेंद पर बीट होने के बाद भी उन्होंने अगली ही गेंद पर फिर से वही ड्राइव खेलने की कोशिश की और आउट हो गए। बेंगलुरु के खिलाफ भी वह सेट हुए बिना बड़े शॉट की कोशिश में लगे रहे, जिससे गेंदबाजों को उन्हें आउट करने का मौका मिला।
4. गेंदबाजों ने एक जैसा प्लान अपनाया
विपक्षी टीमों ने जल्दी ही सैमसन के खिलाफ एक साफ रणनीति बना ली है। उन्हें लगातार ऐसी गेंदें डाली जा रही हैं, जो हल्की मूवमेंट के साथ ऑफ स्टंप के बाहर जाती हैं।
राजस्थान के खिलाफ बर्गर ने सीम मूवमेंट से उन्हें चकमा दिया, पंजाब के खिलाफ बार्टलेट ने उन्हें ड्राइव के लिए उकसाया और बेंगलुरु के खिलाफ डफी ने एंगल बनाकर वही काम किया। अलग गेंदबाज होने के बावजूद आउट होने का पैटर्न एक जैसा रहा, जो उनकी कमजोरी को एक्सपोज करता है।
5. नई टीम और कंडीशन्स में एडजस्टमेंट की चुनौती
हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले सैमसन के लिए यह कहना सही नहीं होगा कि वह ओपनिंग रोल में दबाव में हैं। लेकिन आईपीएल में टीम बदलने के बाद एडजस्टमेंट की चुनौती जरूर नजर आ रही है।
नई टीम, नया ड्रेसिंग रूम, नई ओपनिंग पार्टनरशिप और अलग-अलग पिच कंडीशन्स के बीच वह अभी तक पूरी तरह सहज नहीं दिखे हैं। यही वजह है कि वह अपनी नैचुरल गेम खेलने के बजाय जल्दबाजी में फैसले ले रहे हैं, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।
संजू सैमसन का IPL 2026 में खराब प्रदर्शन एक क्लियर पैटर्न को दिखाता है, जहां तकनीकी गलती, शॉट सिलेक्शन और विपक्षी टीमों की रणनीति तीनों का असर साफ नजर आता है। अगर उन्हें वापसी करनी है, तो उन्हें ऑफ स्टंप चैनल में अपनी कमजोरी पर काम करना होगा और शुरुआत में धैर्य दिखाना होगा, तभी वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए मैच विनर साबित हो पाएंगे।
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