Asian Boxing Championships: भारत ने एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप साल 2026 में एक यादगार अभियान को समाप्त किया है। क्यूंकि इस बार भारत कुल पांच गोल्ड मेडल के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा है। जबकि इस बार कजाकिस्तान ने छह गोल्ड मेडल के साथ पहले स्थान पर कब्जा किया है। इसके अलावा भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल मिलाकर सबसे ज्यादा 16 मेडल जीते हैं।
विश्वनाथ सुरेश ने जीता स्वर्ण पदक :-
भारत ने एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में एक यादगार अभियान को समाप्त किया है। क्यूंकि भारत के मुक्केबाज विश्वनाथ सुरेश ने भी पुरुषों के 50 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। वहीं इस बार उन्होंने फाइनल में जापान के दाइची इवाई को 5:0 के बड़े अंतर से हराया है।

इसके अलावा इस बार भारत के अन्य मुक्केबाज सचिन ने 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया है। लेकिन फिर भी उनको इस टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा है। इसके चलते हुए इस बार भारत पांच गोल्ड मेडल के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। जबकि इस बार कजाकिस्तान ने छह गोल्ड मेडल के साथ पहले स्थान पर कब्जा किया है। इसके अलावा भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल मिलाकर सबसे ज्यादा 16 मेडल जीते हैं।

इसके अलावा भारत की महिला टीम का प्रदर्शन एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक रहा भरा रहा है। क्यूंकि भारत की महिला टीम ने इस बार 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज के साथ कुल 10 मेडल जीते हैं। इसके अलावा भारत की महिला टीम मेडल टैली में पहले स्थान पर रही है। तभी तो यह महाद्वीपीय स्तर पर भारतीय महिला टीम का अभी तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक रहा है। इसके अलावा विश्वनाथ का गोल्ड मेडल उनकी तेजी से बढ़ती सफलता की कहानी में एक अहम पड़ाव भी है।

इसके अलावा नेशनल लेवल पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ने वाले भारतीय मुक्केबाज विश्वनाथ ने बहुत कम समय में ही इंटरनेशनल मंच पर अपनी एक मजबूत पहचान बना ली है। इसके चलते हुए ही उलानबटार में उनका अभियान खासकर बहुत प्रभावशाली रहा है। क्यूंकि इस फाइनल तक के सफर में उन्होंने दुनिया के नंबर एक बॉक्सर को हराया है। इसके चलते हुए अब उनका बढ़ा हुआ आत्मविश्वास झलकता है। वहीं अब वह बड़े और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की काबिलियत रखते हैं।

भारतीय टीम के इस शानदार प्रदर्शन पर बात करते हुए बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने कहा है कि, “भारतीय बॉक्सिंग और हमारी महिला टीम के लिए यह एक बेहद शानदार अभियान रहा है। हमारी महिला टीम ने चार गोल्ड मेडल जीतकर मेडल्स की लिस्ट में टॉप पर जगह बनाई है। जबकि हमारी पुरुष टीम ने भी इस टूर्नामेंट में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर इस बार युवा विश्वनाथ ने अपने गोल्ड मेडल से सभी को प्रभावित किया है। तभी तो उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि हमारे पास भविष्य के लिए कितने बेहतरीन खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं।”

इसके बाद उन होने कहा कि, “इस समय सबसे खास बात यह है कि हमारे पास टैलेंट की कोई कमी नहीं है। तभी तो अब पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप के मुकाबले टीम में कई बदलाव होने के बावजूद इस टीम ने जबरदस्त हौसला और काबिलियत दिखाई है। इसके चलते हुए अब उन्होंने महाद्वीप के कुछ सबसे मजबूत फाइटर्स को हराकर खिताब जेते हैं। इस समय हम नए टैलेंट की एक नई लहर देख रहे हैं। इसमें कई खिलाड़ी बड़े मंच पर आकर मेडल्स के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। तभी तो अब यह भारतीय बॉक्सिंग के भविष्य के लिए एक बहुत ही शुभ संकेत है।”

इसके अलावा भारत की महिला टीम में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में मीनाक्षी (48 किलोग्राम), प्रीति (54 किलोग्राम), प्रिया (60 किलोग्राम) और अरुंधति (70 किलोग्राम) शामिल थीं। इन सभी ने गोल्ड मेडल जीतकर अलग-अलग कैटेगरी में अपना दबदबा भी साबित किया है। इसके अलावा भारतीय महिला टीम में स्मीन (57 किलोग्राम) और अल्फिया पठान (80 प्लस किलोग्राम) का भी जबरदस्त योगदान रहा है। क्यूंकि उन्होंने भी इस बार सिल्वर मेडल जीते हैं। इसके अलावा भारत की चार खिलाड़ियों ने ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किए हैं।
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