Badminton Asia Championships: भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। वहीं इस टूर्नामेंट में उन्होंने काफी शानदार खेल दिखाया है। लेकिन फिर भी इसके फाइनल में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। क्यूंकि फाइनल मैच में वह 42 मिनट तक चले मैच में चीनी खिलाड़ी से हार गए हैं। इसके बावजूद भी वह बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं।
फाइनल में चीनी खिलाड़ी से हारे आयुष शेट्टी :-

भारत के उभरते हुए युवा बैडमिंटन स्टार आयुष शेट्टी को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। क्यूंकि बीते दिन रविवार को खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में वह चीन के शी यूकी से लगातार गेमों में 21-8, 21-10 से हार गए हैं। वहीं इन दोनों के बीच यह फाइनल मैच 42 मिनट तक चला था। वहीं अब इस फाइनल में मिली हार के बाद भी उन्होंने इतिहास रच दिया है।
बैडमिंटन में नई सनसनी बनकर उभरे आयुष :-
इसके चलते हुए अब आयुष शेट्टी बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं। इसके अलावा वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय और ओवरऑल इतिहास में दूसरे भारतीय बने हैं। क्यूंकि इससे पहले साल 1965 में भारत के दिनेश खन्ना ने यहां स्वर्ण पदक जीता था।

इसके बावजूद अब आयुष इतिहास तो नहीं दोहरा सके हैं। लेकिन फिर भी उन्होंने भारत को यहां पर रजत पदक जरूर दिलाया है। इसके चलते हुए वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के पुरुष एकल में कोई पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय भी बने हैं। इसके अलावा साल 2018 में एचएस प्रणय ने भारत के लिए यहां कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा भारत के लिए इस टूर्नामेंट में पिछला पदक 2023 में आया था। तब सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल का खिताब जीता था।
इस समय काफी शानदार फॉर्म में हैं आयुष :-
इसके अलावा वर्ल्ड नंबर-25 भारत के युवा खिलाड़ी आयुष का फाइनल में पहुंचना महज संयोग नहीं है बल्कि उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। क्यूंकि इस समय वह काफी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने इसी टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-चार जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था।

इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी थी। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसरन को 10-21, 21-19, 21-17 से हराया था। तब उनका यह मैच 75 मिनट तक चला था। वहीं उस समय भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बावजूद दबाव में शानदार खेल दिखाया था। जबकि इसी टूर्नामेंट में भारत के अन्य स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। क्यूंकि पीवी सिंधू दूसरे दौर में ही हारकर बाहर हो गईं थी। जबकि लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।
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