World Chess Championship: भारत की स्टार महिला चेस खिलाड़ी और प्रज्ञानंद की बहन आर वैशाली ने बीते दिन बुधवार को फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। वहीं अब वैशाली की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि एक समय वह इस टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर संशय में थीं। लेकिन फिर भी उन्होंने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और इसको जीत भी लिया। इसके बाद अब वह विश्व चैंपियन बनने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।
चेस विश्व चैंपियनशिप में जू वेनजुन से भिड़ेंगी आर वैशाली :-

भारतीय महिला ग्रैंडमास्टर और प्रज्ञानंद की बहन आर वैशाली ने बीते दिन बुधवार को फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर इतिहास रच दिया था। वहीं इस जीत के साथ ही उन्होंने इसी साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप में मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देने का टिकट भी हासिल कर लिया है। इसके बाद अब वह विश्व चैंपियन बनने के लिए जू वेनजुन से मैच खेलेंगी।
लाग्नो को हराकर जीता कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब :-

भारत की स्टार महिला चेस खिलाड़ी 24 वर्षीय वैशाली ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के फाइनल राउंड में यूक्रेन की कातेरिना लाग्नो को सफेद मोहरों से हराकर 14 में से 8.5 अंक के साथ खिताब जीत कर अपने नाम कर लिया था। इसके अलावा उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट में शांत और प्रभावी खेल दिखाया था और अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों से आधा अंक आगे रहते हुए खिताबी जीत दर्ज की है।
पूरे टूर्नामेंट में रहा था वैशाली का रहा दबदबा :-

इसके अलावा वैशाली की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने इस टूर्नामेंट की शुरुआत कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों में से एक के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा उनका यह सफर अब भारत के ही युवा ग्रैंडमास्टर डी गुकेश के 2024 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने जैसे यादगार अभियान की याद भी दिलाता है। क्यूंकि उस समय उन्होंने भी अपनी उम्मीदों के विपरीत खिताब जीता था।
वैशाली ने अपनाई बेहतरीन रणनीति :-

आर वैशाली ने अपने निर्णायक मैचों में बेहतरीन रणनीति अपनाई थी। इसके चलते हुए उन्होंने शुरुआती चालों से ही अपनी बढ़त बना ली थी। वहीं उन्होंने अपनी इस बढ़त को पूरे मैच के दौरान बरकरार रखा था। इसके अलावा टूर्नामेंट के मिडिल गेम में सटीक चालें चलते हुए उन्होंने अपने प्यादे की बढ़त को जीत में बदल दिया था। लेकिन इसके बाद उनको खिताब जीतने के लिए अन्य मुकाबलों के परिणाम पर भी निर्भर रहना पड़ा था। इसके बाद भारत की स्टार चेस खिलाड़ी व्या देशमुख ने कजाखस्तान की बिबिसारा अस्सौबायेवा के खिलाफ ड्रॉ खेला था। इसके चलते हुए वैशाली की जीत पक्की हो गई थी।
शुरू में इस टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर था संशय :-

भारतीय महिला चेस खिलाड़ी आर वैशाली की यह सफलता इसलिए भी काफी खास है क्यूंकि एक समय वह इस टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर संशय में थीं। इसके अलावा पिछले साल चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स में खराब प्रदर्शन (सिर्फ 1.5 अंक) के बाद उन्होंने ग्रैंड स्विस में हिस्सा न लेने का भी विचार किया था। इसके बावजूद भी उन्होंने बड़े मंच पर शानदार वापसी करते हुए यह खिताब जीतकर अपने नाम कर लिया। वहीं अब उनकी नजरें विश्व चैम्पियनशिप पर ही लगी हुई हैं।
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