CWG 2030: अहमदाबाद में होने वाले साल 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन में विवादों से बचने के लिए मेजबान गुजरात सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ अबकी बार काफी फूंक-फूंककर कदम रखने जा हैं। इसके चलते हुए अब ओसी में आईओए पदाधिकारियों की बजाय सीईओ, सीओओ और सीएफओ जैसे पदों पर विशुद्ध पेशेवर विशेषज्ञों को रखे जाने की सूचना आ रही है।
CWG 2030 की आयोजन समिति में नहीं होंगे शामिल आईओए के पदाधिकारी :-
इसके चलते हुए अब अहमदाबाद में होने वाले साल 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन में विवादों से बचने के लिए मेजबान गुजरात सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ अबकी बार काफी फूंक-फूंककर कदम रखने जा हैं। क्यूंकि इस बार आयोजक ऐसी गलतियां नहीं दोहराना चाहते हैं जो साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में विश्वव्यापी किरकिरी का कारण बनी थीं।

इसके चलते हुए साल 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन कंपनी में आईओए के शीर्ष पदाधिकारियों को शामिल नहीं किए जाने की तैयारी कर ली गई है। इसके चलते हुए अब ओसी में आईओए पदाधिकारियों की बजाय सीईओ, सीओओ और सीएफओ जैसे पदों पर विशुद्ध पेशेवर विशेषज्ञों को रखा जाएगा। इससे पहले साल 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में आयोजन समिति के चेयरमैन तत्कालीन आईओए अध्यक्ष सुरेश कलमाडी थे।

इसके चलते हुए तब इसमें ज्यादातर पदाधिकारी आईओए से ही संबद्ध रखते थे। जबकि साल 2030 के खेलों के आयोजन की निगरानी का मुख्य जिम्मा मंत्रियों के समूह (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) और उससे नीचे खेलों के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) का होगा। इस बार ये दोनों ग्रुप, ओसी के साथ मिलकर काम करने वाले हैं।
मंत्रियों के समूह में होंगे देश के कद्दावर मंत्री :-
इस बीच अब सूत्र बताते हैं कि मंत्रियों के समूह, निदेशक मंडल और ओसी की घोषणा मई माह के अंत या जून माह तक किए जाने की उम्मीद है। इस बार इन मंत्रियों के समूह की संख्या 10 तक होगी। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री, वित्त मंत्री, विदेश मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री, सांस्कृतिक-पर्यटन मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री, खेल मंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे।

इसके अलावा इस बार मुख्य कामों की मंजूरी मंत्रियों का समूह देगा। इसके नीचे निदेशक मंडल होगा। इसमें कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के दो प्रतिनिधि, कॉमनवेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया या आईओए के दो प्रतिनिधि, गुजरात सरकार से जुड़े चार प्रतिनिधि, दो देश के नामी खिलाड़ी और दो सदस्य निजी क्षेत्र से रहेंगे। जबकि यह निदेशक मंडल, ओसी को कार्यों को सुचारु ढंग से पूरा कराने का निर्देश देगा और उन पर पूरी निगरानी रखेगा।
आयोजन कंपनी में होंगे प्रशिक्षित पेशेवर :-

इससे पहले साल 2010 में आयोजन समिति बनी थी। लेकिन अब इसे आयोजन कंपनी का नाम दिया गया है। इसके अलावा इस बार इसमें प्रशिक्षित पेशेवरों की नियुक्ति होगी। जबकि ओसी कमाई और खर्च का लेखा-जोखा रखेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स की कमाई का मुख्य स्रोत प्रसारण अधिकारी, प्रायोजक और टिकटों से होने वाली कमाई होगी। ओसी इसके लिए पूरी योजना बनाएगी। साथ ही ओसी यात्रा, रहना, खाना, स्थानीय ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, इवेंट मैंनेजमेंट के अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च का भी ब्योरा रखेगी। वहीं इस बार ओसी पूरी तरह से गैर-लाभकारी कंपनी होगी।
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