Thomas Cup 2026: थॉमस कप फाइनल्स के क्वार्टर फाइनल में आज शुक्रवार को भारतीय पुरुष टीम का मुकाबला चीनी ताइपे की मजबूत टीम से होने वाला है। इसके अलावा बीडब्ल्यूएफ थॉमस कप फाइनल में बीते दिन गुरुवार को खेला गया नॉकआउउट मैच ड्रॉ होने के बाद अब क्वार्टर फाइनल में भारतीय पुरुष टीम का सामना आज चीनी ताइपे की मजबूत टीम से होने वाला है।
क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे से भिड़ेगी भारतीय टीम :-
भारतीय पुरुष टीम आज शुक्रवार को थॉमस कप फाइनल्स के क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की मजबूत टीम से अपना मैच खेलने वाली है। वहीं इस मैच को जीतकर भारतीय टीम अपने दूसरे खिताब की ओर बढ़ने की कोशिश भी करेगी।

इससे पहले भारतीय पुरुष टीम ने चार साल पहले यह उपलब्धि हासिल करते हुए थॉमस कप का खिताब जीता था। इसके अलावा यह बैडमिंटन की विश्व टीम चैंपियनशिप भी है। जबकि इस बार भारतीय टीम ने ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाई है। वहीं अब उनका सामना चीनी ताइपे की टीम से होने वाला है। इसके अलावा चीनी ताइपे ने अभी तक यह टूर्नामेंट नहीं जीता है।
आइए जानें दोनों टीमों की क्या है स्थिति :-
इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत कनाडा की टीम को 4-1 से हराकर जोरदार तरीके से की थी। इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5-0 से भी जीत दर्ज की थी। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को चीन को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था।

इसके अलावा इस समय चीनी ताइपे की टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। क्यूंकि इस बार इस टीम की अगुवाई दुनिया के नंबर छठे नंबर के एकल खिलाड़ी चोउ टिएन चेन कर रहे हैं। जबकि इस टीम में उनके साथ दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी और मौजूदा ऑल इंग्लैंड चैंपियन लिन चुन-यी और दुनिया के 21वें नंबर के खिलाड़ी ची यू जेन टीम भी हैं। ये सभी मिलकर इस टीम की एकल चुनौती को बेहद मजबूत बनाते हैं।
भारत ने साल 2022 में जीता था खिताब :-
इसके अलावा युगल में चीनी ताइपे के पास चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की दुनिया की 14वें तथा ली झे-हुई और यांग पो-सुआन की दुनिया की नंबर 16वें नंबर की मजबूत जोड़ी है। जबकि दूसरी तरफ इस समय भारत की टीम काफी अच्छी लय में दिखाई दे रही है।

इस मौजूदा समय में भारत के एकल और युगल दोनों ही खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप की अपनी बेहतरीन लय को यहां भी बरकरार रखा है। तब उस टूर्नामेंट में वह उपविजेता रहे थे। क्यूंकि इस टूर्नामेंट में भी उन्होंने अपने तीनों मैच जीते हैं। इसके अलावा साल 2022 में इस टूर्नामेंट का ख़िताब जीतने के अलावा भी भारत ने यहां पर साल 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक भी जीते हैं।
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