WFI: भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ को नोटिस जारी किया है। क्यूंकि अभी हाल ही में डब्ल्यूएफआई ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके अलावा उनको जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। इसके बाद अब विनेश ने इस नोटिस को चुनौती दी थी जिस पर हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई है।
विनेश को क्यों भेजा था कारण बताओ नोटिस :-
भारतीय कुश्ती महासंघ ने अभी हाल ही में अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों के चलते हुए विनेश को नोटिस भेजा था। इसके अलावा उनको जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया गया था। क्यूंकि विनेश ने यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग रोधी नियम के तहत संन्यास से वापसी के बाद जरूरी छह महीने का नोटिस पीरियड नहीं दिया है।

इसके अलावा यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं, तो उनको आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी। इसके अलावा इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए भी उपलब्ध रहना होगा। इस बीच अपने 15 पन्नों के नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने यह भी आरोप लगाया था कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर उनको शर्मिंदा किया है।

इसके चलते हुए अब भारतीय कुश्ती की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसके चलते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ ने यह भी विशेष रूप से उल्लेख किया था कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैं। इसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल था।
नोटिस को विनेश ने दी थी चुनौती :-

इसके बाद भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश डब्ल्यूएफआई के इस फैसले से खुश नहीं थीं और उन्होंने कारण बताओ नोटिस जारी करने और आने वाले खेलों के लिए होने वाले ट्रायल में उनका नाम शामिल नहीं करने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद अब विनेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फौरी राहत देने से इनकार कर दिया है और छह जुलाई को अगली सुनवाई करने का फैसला किया।
दूसरे पक्ष को सुनकर ही अपना फैसला देगी अदालत :-
इसके चलते हुए अब न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने महासंघ को निर्देश दिया है कि कारण बताओ नोटिस को छह जुलाई तक तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाए और उनके समक्ष फैसला रखें। इसके अलावा हाई कोर्ट ने अयोग्यता को लेकर विनेश की याचिका पर डब्ल्यूएफआई और केंद्र को नोटिस दिए हैं और कहा कि इस मामले में प्रतिस्पर्धी हितों के बीच संतुलन बनाये रखना जरूरी है।

भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश की तरफ से सीनियर अधिवक्ता ने कहा है कि उनको 30 और 31 मई को होने वाले एशियाई खेलों के ट्रायल में भाग लेने दिया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मातृत्व अवकाश पर गई महिला एथलीटों की रैंकिंग और दर्जे को सुरक्षित रखा जाता है, वहीं डब्ल्यूएफआई की नवीनतम नीति ने उन्हें इससे बाहर रखा है।
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