Shyam Lal Meena: भारत के पूर्व दिग्गज तीरंदाज श्याम लाल मीणा का लंबी बीमारी के बाद 61 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इसके चलते हुए अब भारतीय तीरंदाजी जगत के लिए एक बहुत बड़ी बुरी खबर सामने आ रही है। इसके अलावा उन्होंने साल 1988 में सियोल ओलंपिक में इस तीरंदाजी खेल में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। वहीं उनके निधन से भारतीय तीरंदाजी के इतिहास का एक अहम अध्याय भी अब समाप्त हो गया है।
इसके चलते हुए अब भारतीय तीरंदाजी संघ ने पूर्व तीरंदाज की तस्वीर के साथ पोस्ट करके लिखा है कि, “साल 1988 के सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता स्वर्गीय श्याम लाल मीणा को हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। इसके अलावा भारतीय तीरंदाजी में उनके योगदान और विरासत को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।”
साल 1987 में जीता था कांस्य पदक :-
इसके अलावा 4 मार्च, 1965 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के केवडिया गांव में जन्मे मीणा ने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर विश्व मंच पर इस तीरंदाजी खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

इसके बाद वह साल 1987 में लिम्बा राम और रजत हलदर के साथ भारतीय पुरुष रिकर्व टीम का हिस्सा थे। तब उन्होंने उसी साल 987 में कोलकाता में आयोजित एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था।
साल 1988 ओलंपिक में लिया था हिस्सा :-
इसके अलावा उनके इस पदक को भारतीय तीरंदाजी की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता माना जाता है। क्यूंकि उनके इसी पदक के दम पर भारतीय तीरंदाजी टीम ने साल 1988 के सियोल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।

वहीं ओलंपिक तीरंदाजी में भारत देश की तरह से पहली भागीदारी भी थी। इसके बाद भारतीय खेलों में उनके योगदान को देखते हुए श्याम लाल मीणा को साल 1989 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
मीणा ने तीरंदाजी कोच के तौर पर भी किया है काम :-
इसके अलावा अपने प्रतिस्पर्धी तीरंदाजी करियर के बाद भी वह बांसवाड़ा के जिला खेल प्रशिक्षण केंद्र में तीरंदाजी कोच के तौर पर इस खेल से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने रिटायरमेंट के बाद अपना पूरा समय युवा तीरंदाजों को प्रशिक्षित करने और राजस्थान में जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को विकसित करने में समर्पित कर दिया था।

इसके चलते हुए राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय तीरंदाजी के संस्थापकों में से एक बनने तक का उनका यह तीरंदाजी सफर आज भी एथलीटों की कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है।
श्याम लाल मीणा से जुड़ी महत्वपूर्ण और प्रमुख बातें इस प्रकार हैं :-
प्रारंभिक जीवन और शुरुआत :- श्याम लाल मीणा का जन्म राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के केवडिया गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। लेकिन शुरुआत में उन्होंने बांस से बने देसी धनुष-बाण से अभ्यास किया था।
अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां :- इसके अलावा उन्होंने साल 1988 में कोलकाता में खेली गई पहली एशियन चैंपियनशिप की सिंगल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था।
ओलंपिक प्रतिनिधित्व : इसके चलते हुए वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर साल 1988 के सियोल ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारतीय टीम के प्रतिनिधि के तौर पर भी शामिल हुए थे।
सम्मान : भारतीय तीरंदाजी में उनके अतुलनीय योगदान और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उनको साल 1989 में खेल जगत के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था।
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