Monday, February 23

भारतीय बैडमिंटन को सात्विकसाईराज रेंकी और चिराग शेट्टी ने एक बार फिर से गौरव का पल दिया है। भारत की इस जोड़ी ने बीते रविवार को करीब 58 सालों के बाद देश को एशियाई बैंडमिंटन चैंपियनशिप में खिताब दिलवाकर इतिहास रच दिया। इससे पहले भारत ने पूर्व भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी दिनेश खन्ना की अगुवाई में साल 1965 में पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीता था। उस वक्त दिनेश ने लखनऊ मे हो रहे फाइनल मैच के दौरान थाईलैंड के सांगोब रत्तानुसोर्न को हराया था। अब सात्विक और चिराग ने भारत को एक बार फिर से एशियाई बैडमिंटन चैंपियशिप में स्वर्ण पदक दिलावा दिया है।


जानकारी के लिए बता दें कि ये भारत के लिहाज से पुरुष युगल में पहला स्वर्ण पदक है। पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता इस मैच में पहले गेम को गंवाने के बाद शानदार वापसी की और 21-16, 17-21, 19-21 से मैच को अपने नाम कर लिया। सात्विककाईराज रेंकी और चिराग शेट्टी की इस उपलब्धि के बाद भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन दोनों ही खिलाड़ियों को 20 लाख रुपये के इनाम देने की घोषणा की है। इससे पहले साल 1971 में पुरुष युगल में दीपू घोष और रमन घोष की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।

एशियाई बैंडमिंटन चैंपियनशिप में सात्विकसाईराज रेंकी और चिराग शेट्टी की इस कमाल की उपलब्धि के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इन दोनों खिलाड़ियों के लिए ट्वीट करते हुए लिखा कि, “सात्विकसाईराज रेंकी और चिराग शेट्टी के इतिहास रचने पर सभी को गर्व है। दोनोंं खिलाड़ियों को बधाई और आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं।”

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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