Wednesday, March 11

भारत की तीन बेटियों ने ग्रेटर नोएडा में हो रहे वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में तीन गोल्ड मेडल जीतकर हैट्रिक बना दी। सबसे पहला गोल्ड मेडल 48 किलो वजन वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने जीता। फाइनल मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान की फरजोना फोज़ीलोवा को 5-0 से हराया। वही इस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की प्रीति और अरुंधति ने गोल्ड मैडल का ख़िताब अपने नाम किया हैं।

मीनाक्षी हुड्डा ने जीता पहला गोल्ड

48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में उज्बेकिस्तान की फरजोना फोजीलोवा को 5-0 से हराया। मीनाक्षी हरियाणा के रोहतक जिले के छोटे से गांव रुड़की की रहने वाली हैं। उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं। मीनाक्षी ने भावुक होकर बताया कि पिता की मेहनत और संघर्ष की बदौलत ही वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने पहले भी कई बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीते हैं और वर्तमान में आईटीबीपी में तैनात हैं। उन्होंने अपने कामयाबी का क्रेडिट अपने माँ- बाप को दिया है ।

प्रीति और अरुंधति ने भी किया कमाल

प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम वर्ग में इटली की सिरिन चराबी को हराते हुए गोल्ड जीता। इसके बाद 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को मात देकर भारत की ओर से तीसरा गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ भारत की तीन बेटियों ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।

इस बार भारत के 15 मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे थे। अब अगले मुकाबलों में देश की उम्मीदें निकहत जरीन और जैस्मीन लम्बोरिया से होंगी।

स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूबफेसबुकइंस्टाग्रामऔर ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

Share.

मैं हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में स्पोर्ट्स और गेमिंग कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Leave A Reply

Exit mobile version