Friday, February 20

What are the low-blow rules in boxing?: बॉक्सिंग में ‘लो ब्लो’ उस स्थिति को कहा जाता है जब कोई बॉक्सर अपने प्रतिद्वंदी को बेल्ट लाइन से नीचे मारता है। यह खेल के नियमों के अनुसार गलत और अवैध है। बेल्ट लाइन वह हिस्सा होता है जो हर बॉक्सर की हिप लाइन से तय होता है। मैच शुरू होने से पहले रेफरी यह तय करता है कि किस बॉक्सर की बेल्ट लाइन कहां तक है।

हिप लाइन के ऊपर मारा गया पंच वैध होता है, लेकिन इसके नीचे मारना ‘लो ब्लो’ माना जाता है। लो ब्लो से बचने के लिए रेफरी पहले ही दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी दे देते हैं।

क्या कहते हैं लो ब्लो के नियम?

अगर कोई बॉक्सर जानबूझकर लो ब्लो करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। रेफरी ऐसी स्थिति में दोषी बॉक्सर के खिलाफ पॉइंट काट सकता है या उसे मुकाबले से बाहर भी कर सकता है। वहीं अगर लो ब्लो गलती से हो जाए तो नियम के मुताबिक जिस खिलाड़ी को चोट लगी है, उसे ठीक होने के लिए पांच मिनट तक का समय दिया जाता है।

अगर खिलाड़ी पांच मिनट के भीतर दोबारा मुकाबला जारी नहीं कर पाता तो उसे मुकाबले से हटना माना जाता है और फिर उसे हार का सामना करना पड़ता है। हालांकि, अगर रेफरी को लगे कि लो ब्लो गंभीर नहीं है और जिस खिलाड़ी को मारा गया है, उसने शिकायत नहीं की, तो रेफरी केवल इशारे से फाउल का संकेत देगा और मुकाबला बिना रोके आगे बढ़ेगा।

लो ब्लो के लिए क्या सजा मिलती है?

लो ब्लो करने पर रेफरी दोषी खिलाड़ी से अंक काट सकता है। अगर यही गलती बार-बार हो तो रेफरी उसे मुकाबले से डिसक्वालीफाई भी कर सकता है।

हाल ही में ब्रिटिश बॉक्सर एडम अजीम पर लो ब्लो करने के कारण सर्गेई लिपिनेट्स के खिलाफ मुकाबले में दो अंक काटे गए थे।

उसिक बनाम डुबोइस विवाद क्या था?

2023 में हुए मुकाबले में यूक्रेन के ओलेक्सांद्र उसिक और ब्रिटेन के डेनियल डुबोइस के बीच लो ब्लो को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। डुबोइस ने पांचवें राउंड में एक ऐसा पंच मारा जिससे उसिक गिर गए। रेफरी ने तुरंत इसे लो ब्लो करार दिया।

उसिक को चोट से उबरने के लिए 3 मिनट 45 सेकंड का समय मिला। नियमों के अनुसार खिलाड़ी को पांच मिनट तक का समय मिल सकता है। डुबोइस के इस पंच के लिए रेफरी ने कोई अंक नहीं काटा। उसिक ने इसके बाद मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली और नौवें राउंड में नॉकआउट के जरिए जीत हासिल की।

इस मुकाबले के बाद डेनियल डुबोइस ने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, “मुझे अभी वर्ल्ड चैंपियन होना चाहिए था। ये न्याय नहीं था।”

डुबोइस का मानना है कि उनका पंच वैलिड था और रेफरी ने गलत फैसला दिया। अब इन दोनों के बीच एक बार फिर मुकाबला होने जा रहा है। 19 जुलाई को वेम्बली स्टेडियम में दोनों के बीच आमना-सामना होगा।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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