महज 16 साल की उम्र में ध्यानचंद भारतीय सेना में शामिल हो गए थे। इसके बाद ही उन्होंने हॉकी खेलना शुरु किया। मेजर ध्यानचंद ने जैसे ही हॉकी की दुनिया में कदम रखा वैसे ही एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाते गए।
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उन्होंने 42 साल तक हॉकी खेला और इस दौरान नए-नए किर्तीमान स्थापित किए। ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहबाद में हुआ था
अपने कमाल के खेल कौशल के द्वारा विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले मेजर ध्यानचंद को साल 1956 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। जानकारी के लिए बता दें कि मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर खेल दिवस मनाया जाता है।
मेजर ध्यानचंद के हॉकी कौशल का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जब भी वो मैदान पर उतरते थे। ऐसे में विरोधी टीम से सचमुच होश ठिकाने नहीं रहते थे।
आज हम एक ऐसी भारतीय महिला क्रिकेटर की बात करने जा रहे हैं, जिनकी वजह से महिला क्रिकेट का टीवी पर प्रसारण हुआ। जी हां दरअसल, हम पहली महिला टेस्ट टीम की कप्तान शांता रंगास्वामी की बात कर रहे हैं।
जी हां, बॉलीवुड और तमिल फिल्म स्टार आर. माधवन के बेटे वेदांत माधवन के तैराकी की दुनिया में अभी से पहचान बना ली है।
हांलाकि धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो लेकिन वह आईपीएल खेल रहे हैं और अब भी उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माना जाता है। अपने 15 साल के शानदार करियर में, उन्हें फैंस का भरपूर प्यार मिला है।
2013 में यूपी अंडर-16 टीम और कुछ साल बाद यूपी अंडर-19 टीम के लिए चुना गया था। रिंकू सिंह को उनकी आक्रमक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। मुंबई इंडियंस द्वारा आयोजित एक शिविर के दौरान एक खेल में 31 गेंदों में 95 रनों की रोमांचक पारी खेली थी।
