एशिया कप 2025 में कल यानी 15 सितम्बर को दो मुकाबले खेले गए। दिन के पहले मैच में यूएई ने ओमान को एकतरफा तरीके से 42 रनों से हरा दिया और ओमान को इस टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। वहीं दिन का दूसरा मैच श्रीलंका और हांगकांग के बीच खेला गया जिसमें उन्होंने हांगकांग को भले ही हराया हो लेकिन उसमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
श्रीलंका ने यह मैच भले ही 7 गेंद पहले 4 विकेट शेष रहते हुए जीता हो लेकिन ये जीत उनके लिए आसान नहीं थी। तो चलिए जानते हैं कि उन्होंने किस तरह से यह मैच अपने नाम किया है।
ओमान के ओपनर्स ने दिलाई अच्छी शुरुआत

श्रीलंका के कप्तान चरिथ असलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया। ओमान के ओपनर बल्लेबाज़ ज़ीशान अली और अंशुमान रथ ने काफी अच्छी शुरुआत दिलाई। पहले विकेट के लिए दोनों ने 5 ओवरों के अंदर 41 रन बनाए। ज़ीशान ने 27 रन बनाए जबकि रथ और निज़ाकत खान ने पारी को संभाला।
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हालाँकि अंशुमान के आउट होने के बाद ओमान की पारी डगमगा रही थी लेकिन निज़ाकत खान ने अपने गियर चेंज करते हुए टीम को अच्छे स्कोर तक पहुँचाने में मदद की। अंतिम ओवरों में रथ के बड़े शॉट्स की बदौलत उन्होंने बोर्ड पर 149 रन बना दिए। श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ दुष्मंता चमीरा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवरों में 29 रन देकर 2 विकेट लिए।
धीमी पिच पर चेज़ करना था मुश्किल
दुबई में इस स्कोर को चेज़ करना काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला था क्योंकि बल्लेबाज़ी के लिए यह पिच काफी धीमी थी जिससे बड़े शॉट्स खेलने में खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ने वाला था। श्रीलंका की शुरुआत भी ठीक रही। कुसल मेंडिस एक तरफ संघर्ष कर रहे थे लेकिन पाथुम निसांका आराम से रन बना रहे थे।
निसांका ने खेली शानदार पारी
निसांका एक तरफ आराम से रन बनाकर टीम को जीत की तरफ ले जा रहे थे जबकि बाकी कोई भी बल्लेबाज़ इस पिच पर आसानी से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था। उसके बाद भी वो मैच जीतते हुए दिखाई दे रहे थे। हालाँकि 16वें ओवर की शुरुआत में जैसे ही पाथुम 68 रन बनाकर आउट हुए, उनके पीछे और भी खिलाड़ी पवेलियन लौट आए। देखते ही देखते श्रीलंका की टीम 119 रनों पर 2 विकेट से 127 रनों पर 6 विकेट गिर गए।
कैच छोड़ना और नो बॉल ले डूबी हांगकांग से मैच
श्रीलंका को जीतने के लिए अब भी 17 गेंदों में 23 रन चाहिए थे। हालाँकि हांगकांग के कप्तान यासीन मुर्तज़ा ने उस मैच में सबसे बड़ी भूल कर दी। लंकाई टीम पूरी तरह से दबाव में थी लेकिन तभी उन्होंने नो बॉल फेंक दी जो ऐसे क्लोज़ मैच में बहुत अहम होती है और उस फ्री हिट पर वनिंदु हसरंगा ने पूरा फायदा उठाते हुए छक्का जड़ दिया, जिसके बाद लंका की टीम के ऊपर कोई भी दबाव नहीं था।
उन्होंने आसानी से 7 गेंद रहते हुए मैच जीत लिया। हांगकांग का इस मैच में हार का सबसे बड़ा कारण कैच छोड़ना था। उन्होंने इस मुकाबले में 6 कैच छोड़े थे।






