टीम इंडिया इस समय एशिया कप खेल रही है, ताकि अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी की जा सके। लेकिन इस बार प्रतिस्पर्धा इतनी कम है कि वो अपने कम अनुभवी खिलाड़ियों को भी भेज देती, तब भी वो ख़िताब जीतकर वापस आती।
क्योंकि टीमों के बीच स्किल का गैप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी नहीं हो पा रही है। टीम इंडिया को टक्कर नहीं मिल पा रही है। लेकिन चलिए जानते हैं कि भारत की अनकैप्ड इलेवन के बारे में, जो टीम को हराने की क्षमता रखती है।
इंडिया के अनकैप्ड प्लेयर दे सकते हैं टीम इंडिया को चुनौती

भारत में पहले चैलेंजर ट्रॉफी हुआ करती थी, जिसमें देश के बेस्ट खिलाड़ी खेला करते थे और उसमें मुकाबला भी टक्कर का होता था। लेकिन इसे लंबे समय पहले बंद कर दिया गया था, क्योंकि आईपीएल की शुरुआत हो चुकी थी।
हालांकि, उसके बाद टीम इंडिया के मुकाबले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ ही टक्कर के होते हैं, वरना ज्यादातर मुकाबले एकतरफा ही होते हैं। यहीं नहीं, अगर टीम की जगह अनकैप्ड खिलाड़ी भी खेलते, तो वो भी एशिया कप जीत सकते हैं।
आयुष म्हात्रे और प्रभसिमरन कर सकते हैं ओपन
अनकैप्ड इलेवन में ओपनिंग की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाज और अंडर 19 के कप्तान आयुष म्हात्रे और पंजाब के विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह संभाल सकते हैं। प्रभसिमरन के टैलेंट की बात लंबे समय से की जाती रही थी, लेकिन इस साल उन्होंने उसे परफॉर्मेंस में भी तब्दील किया है। उन्होंने इस सीजन खेले 17 मैचों में 549 रन बनाए थे।
जबकि म्हात्रे ने भी दिखाया था कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं। दोनों बल्लेबाज अपने दिन पर किसी भी गेंदबाजी यूनिट को अनसेटल करने की क्षमता रखते हैं। इस युवा बल्लेबाज ने 7 पारियों में 190 की स्ट्राइक रेट से 240 रन बनाए थे।
प्रियांश और नेहाल वढेरा संभालेंगे मिडल ऑर्डर
वहीं, नंबर 3 पर बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्या को मौका दिया जा सकता है। भले ही उन्हें अपने पसंदीदा पोजीशन पर बल्लेबाजी का मौका न मिल रहा हो, लेकिन उन्हें नई और पुरानी गेंद खेलने का अच्छा अनुभव है। प्रियांश ने आईपीएल 2025 में 17 मैचों में 475 रन बनाए थे।
वहीं, नंबर 4 पर उन्हें की टीम के साथी नेहाल वढेरा को खिलाया जा सकता है। वो पिछले कुछ समय से घरेलू क्रिकेट में हर परिस्थिति में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सीजन भी 16 मुकाबलों में 369 रन बनाए थे।
अनिकेत, शशांक और बडोनी निभा सकते हैं फिनिशर्स की भूमिका
वहीं, मिडल ऑर्डर और फिनिशिंग की जिम्मेदारी आयुष बडोनी, शशांक सिंह और अनिकेत वर्मा के ऊपर रह सकती है। आयुष बडोनी को भले ही ज्यादा हाइली रेट न किया जाता हो, लेकिन जिस तरह से वो लगातार कठिन परिस्थितियों में आकर अपनी टीम के लिए रन बनाकर संकट से उभरते हैं, यह टैलेंट कम खिलाड़ियों में ही होता है। इस सीजन भी उन्होंने 11 पारियों में 329 रन बनाए थे।
जबकि शशांक सिंह ने एक और बार कठिन समय पर आकर अपनी टीम के लिए मैच फिनिश किए थे। वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद को अनिकेत वर्मा के रूप में एक हीरा मिल गया है, जो एट विल छक्के मारने की काबिलियत तो रखता ही है, साथ में जिम्मेदारी के साथ खेलना भी जानता है।
साईं किशोर, वैभव और अश्वनी संभाल सकते हैं गेंदबाजी की जिम्मेदारी
वहीं, गेंदबाजी की बात करें तो विपराज निगम ने इस सीजन गेंद और बल्ले से काफी प्रभावित किया था। अंत में आकर उन्होंने हिटिंग एबिलिटी दिखाई थी, वो कम ही लोग दिखा पाते हैं। जबकि स्पिन गेंदबाज के रूप में आर साईं किशोर को मौका दिया जा सकता है।
इस युवा गेंदबाज ने अपने स्किल से बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चलता किया था। वहीं, तेज़ गेंदबाजी की जिम्मेदारी वैभव अरोरा और अश्वनी कुमार के पास होगी। दोनों नई गेंद से तो अच्छा करते ही हैं, इसके साथ डेथ ओवर्स में भी ठीक-ठाक गेंदबाजी करते हैं।
अनकैप्ड इलेवन जो जीत सकती है एशिया कप
आयुष म्हात्रे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, नेहाल वढेरा, आयुष बदोनी, शशांक सिंह, अनिकेत वर्मा, विपराज निगम, आर साईं किशोर, वैभव अरोरा, अश्वनी कुमार।







