Thursday, June 11

IPL 2026 से पहले अक्षर पटेल ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर असंतोष जताते हुए इसे ऑलराउंडर्स के लिए नुकसानदायक बताया।

IPL 2026 की शुरुआत से पहले जहां सभी टीमें अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, वहीं कुछ नियमों को लेकर खिलाड़ियों की राय भी सामने आने लगी है। इस बीच दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल (Axar Patel) ने एक ऐसे नियम पर खुलकर अपनी बात रखी है, जो पिछले कुछ सीजन से चर्चा का विषय बना हुआ है।

टी20 क्रिकेट में लगातार बदलाव हो रहे हैं और नई रणनीतियां सामने आ रही हैं, लेकिन हर बदलाव खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं होता। अक्षर पटेल के बयान से भी यही संकेत मिलता है कि कुछ नियम टीम कॉम्बिनेशन को प्रभावित कर रहे हैं।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अक्षर पटेल का बड़ा बयान

अक्षर पटेल ने साफ तौर पर कहा कि वह इम्पैक्ट प्लेयर नियम के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि इससे ऑलराउंडर्स की भूमिका सीमित हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस नियम के कारण टीम मैनेजमेंट अब अलग-अलग स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है।

उन्होंने कहा, “मुझे यह नियम पसंद नहीं है, सच बताऊं तो, क्योंकि मैं एक ऑलराउंडर हूं (हंसते हुए)। पहले आप एक ऑलराउंडर को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के लिए चुनते थे। लेकिन इस नियम के कारण टीम मैनेजमेंट सोचता है कि अलग बल्लेबाज या गेंदबाज ले लेते हैं, ऑलराउंडर की जरूरत ही क्या है।”

“मैं खुद एक ऑलराउंडर हूं, इसलिए मुझे यह नियम पसंद नहीं है। हालांकि नियम तो नियम होते हैं और हमें उन्हें मानना पड़ता है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मुझे यह नियम अच्छा नहीं लगता।”

पिछले सीजन खराब गेंदबाजी के पीछे क्या थी असली वजह?

पिछले सीजन में अक्षर पटेल की गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं रही थी, जिसके बाद कई लोगों ने इसका कारण इम्पैक्ट प्लेयर नियम को माना। लेकिन अक्षर ने खुद इस पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि असली वजह उनकी उंगली की चोट थी, न कि यह नियम था।

उन्होंने कहा, “2025 चैंपियंस ट्रॉफी IPL से ठीक पहले हुई थी। उस दौरान मेरी स्पिनिंग फिंगर कट गई थी और गेंद की सीम लगने से वह और गहरी हो गई। इसके कारण मैं गेंद पर सही दबाव और स्पिन नहीं दे पा रहा था।”

“इसी वजह से मैं कम गेंदबाजी कर रहा था और अपनी उंगली को बचाने की कोशिश कर रहा था। सात मैचों के बाद जब मेरी उंगली ठीक हुई, तब मैंने फिर से गेंदबाजी शुरू की। यह इम्पैक्ट प्लेयर नियम की वजह से नहीं था।”

टीम के लिए हर रोल निभाने को तैयार

अक्षर पटेल ने यह भी साफ किया कि वह टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी भूमिका में खेलने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका फोकस हमेशा टीम की जरूरत को प्राथमिकता देने पर रहता है, न कि अपनी पोजीशन पर।

उन्होंने कहा, “आपने मुझे इतने सालों से देखा है, मैं वही करता हूं जो टीम को चाहिए होता है। इसलिए मुझे ‘क्राइसिस मैन’ कहा जाता है। चाहे फिनिशर बनना हो या मिडिल ऑर्डर में खेलना हो, मैं हर रोल के लिए तैयार रहता हूं।”

“हम टीम में लगातार चर्चा करते हैं कि हर भूमिका अहम होती है, चाहे कोई दो गेंद में चार रन बनाए या ओपनर बनकर 80 रन बनाए। अगर आप एक ही भूमिका के बारे में सोचते रहेंगे, तो आप खुद को सीमित कर लेंगे।”

कोच हेमंग बदानी की अलग राय

जहां अक्षर पटेल इस नियम से खुश नहीं हैं, वहीं दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमंग बदानी ने इस पर अलग नजरिया पेश किया है। उनके मुताबिक क्रिकेट का फॉर्मेट तेजी से बदल रहा है और अब बड़े स्कोर सामान्य हो गए हैं।

उन्होंने कहा, “क्रिकेट अब इस स्तर पर पहुंच चुका है कि 180 रन पर्याप्त नहीं होते। आपको शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाना होगा। हमने हाल के टूर्नामेंट्स में 240-250 जैसे स्कोर देखे हैं।”

“इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बाद खिलाड़ियों का इंटेंट भी बदल गया है। भले ही वर्ल्ड कप में यह नियम नहीं है, लेकिन जिस तरह से टीमें खेल रही हैं, वह इसी दिशा में जा रहा है।”

मिचेल स्टार्क को लेकर भी अपडेट

हेमंग बदानी ने मिचेल स्टार्क की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीम फिलहाल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट का इंतजार कर रही है।

उन्होंने कहा, “मिचेल स्टार्क के मामले में हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही हमें NOC मिलेगा, हमें पता चल जाएगा कि वह कब टीम से जुड़ेंगे।”

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर इनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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