Thursday, February 19

रजत पाटीदार की किस्मत इस समय बहुत अच्छी चल रही है। वो जिस भी चीज को छू रहे हैं, वो सोना बन जा रही है। पहले उनकी कप्तानी में आईपीएल में अपने पहले खिताब को तरस रही आरसीबी को उन्होंने 18वें साल चैंपियन बना दिया और उसके बाद अब दिलीप ट्रॉफी में 11 सालों के बाद इस टीम को ट्रॉफी जिता दी। तो चलिए जानते हैं कि उन्होंने किस टीम को चैंपियन बनाया है।

रजत पाटीदार की कप्तानी में सेंट्रल जोन ने 11 साल बाद जीता खिताब

Rajat Patidar
Rajat Patidar

दरअसल, रजत पाटीदार की कप्तानी में सेंट्रल जोन ने दिलीप ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है। उन्होंने 11 सालों के बाद ट्रॉफी अपने नाम की है। खिताबी मुकाबले में उनकी टीम ने साउथ जोन को आसानी से हराते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली है।

इसके पहले सेंट्रल जोन ने अपना आखिरी खिताब साल 2014/15 में पीयूष चावला की कप्तानी में ही जीता था। तब भी इस टीम ने साउथ जोन को 9 रन से शिकस्त दी थी।

मैच के आखिरी दिन सेंट्रल जोन की टीम को जीत के लिए 66 रनों की ज़रूरत थी, जो उन्होंने 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। सेंट्रल जोन के शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरे लेकिन टारगेट ज़्यादा बड़ा नहीं था, जिसके चलते उन्हें परेशानी नहीं हुई और आसानी से यह लक्ष्य हासिल करके एक और खिताब अपने नाम कर लिया। अब वह दिलीप ट्रॉफी की तीसरी सबसे सफल टीम हैं। उनके पास 7 खिताब हैं।

पहली पारी में सस्ते में सिमटी साउथ जोन

सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पिच में ज़्यादा घास देखते हुए पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। उनका यह निर्णय बिल्कुल सही साबित हुआ। सारांश जैन के 5 और कुमार कार्तिकेय के 4 विकेटों के चलते साउथ जोन की पहली पारी मात्र 149 रनों पर सिमट गई।

पहली पारी में जल्दी ऑलआउट होने के बाद मैच में वापसी करने का एकमात्र विकल्प यही था कि साउथ जोन, सेंट्रल जोन को ज़्यादा बढ़त न लेने दे। उन्होंने शुरुआती कुछ विकेट तो जल्दी गिरा दिए लेकिन कप्तान रजत पाटीदार और यश राठौड़ ने खूंटा गाड़ दिया।

रजत ने काउंटर-अटैक शुरू किया जबकि राठौड़ एक छोर पर विकेट देने का नाम नहीं ले रहे थे। इन दोनों ने मिलकर न सिर्फ टीम को संकट से उबारा बल्कि शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को लीड भी दिलाई।

रजत और यश के शतकों के चलते सेंट्रल जोन ने ली बड़ी बढ़त

रजत लगातार जोखिम लेने के चक्कर में 101 रनों पर आउट हो गए जबकि यश दूसरे छोर पर शानदार बल्लेबाज़ी करके टीम की हार को बहुत दूर ले जा रहे थे। हालांकि, वह दोहरा शतक लगाने से चूक गए और 194 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 511 रन बनाए। साउथ जोन की दूसरी पारी में भी बल्लेबाज़ों को शुरुआत मिली लेकिन वो बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके।

सेंट्रल जोन ने आसानी से जीती ट्रॉफी

हालांकि अंकित शर्मा और आंद्रे सिद्धार्थ ने बिना लड़े हार मानने का फैसला नहीं किया। अंकित शतक लगाने से 1 रन से चूक गए और 99 रन बनाए, जबकि सिद्धार्थ 84 रन बनाकर नाबाद रहे। साउथ जोन की टीम दूसरी पारी में 426 रनों पर सिमट गई और मात्र 65 रन की लीड ले सकी। सेंट्रल जोन ने आसानी से यह मैच जीत लिया और 7वीं ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

क्रिकेट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें यूट्यूबफेसबुकइंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

Share.

आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

Leave A Reply

Exit mobile version