Wednesday, February 18

टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी शिखर धवन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से नोटिस भेजा गया है। इस दिग्गज ओपनिंग बल्लेबाज़ को ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस के मामले में नोटिस भेजा गया है। पहले भी कुछ भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से पूछताछ की जा चुकी है और अब उसमें नया नाम धवन का जुड़ा है। तो चलिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?

स्पष्ट करनी होगी शिखर धवन को अपनी भूमिका

Shikhar Dhawan
Shikhar Dhawan

प्रवर्तन निदेशालय ने टीम इंडिया के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज़ शिखर धवन को पूछताछ के लिए नोटिस दिया है, जिसमें उनसे अवैध सट्टेबाज़ी ऐप 1xBet की विज्ञापन गतिविधियों में अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा गया है।

पिछले कुछ समय से ईडी की टीम लगातार ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जांच कर रही है। हालांकि अब उन्होंने इस मामले में अपनी जांच को और तेज कर दिया है। उनकी नज़रें सिर्फ क्रिकेट खिलाड़ियों पर ही नहीं बल्कि फिल्मी हस्तियों पर भी हैं जिन्होंने इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े विज्ञापन किए हैं।

पीएमएलए के तहत हो रही है जांच

मीडिया खबरों की मानें, तो पूर्व भारतीय ओपनर शिखर धवन कुछ प्रचार गतिविधियों के लिए इन ऐप्स से जुड़े थे। ईडी, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज करेगा। ईडी कई अवैध सट्टेबाज़ी ऐप्स की जांच कर रहा है, जिन पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने या भारी मात्रा में कर चोरी करने का आरोप है।

सुरेश रैना और हरभजन सिंह से भी हो चुकी है पूछताछ

ईडी ने इस साल जून में ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप मामले में कई नामचीन हस्तियों से पूछताछ की थी, जिनमें सुरेश रैना और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे। उनके बयान केंद्रीय जांच एजेंसी ने दर्ज किए थे। हाल ही में केंद्र सरकार ने सभी तरह के ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को बंद करने के लिए नया कानून पारित किया था।

सरकार ऑनलाइन रियल मनी गेम को रोकने के लिए लाई नया कानून

दरअसल, सरकार यह नियम इसलिए लाई है क्योंकि पिछले कुछ समय में युवाओं के बीच ऑनलाइन गेम की लत बहुत बढ़ गई थी। जिसके चलते लगातार धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग के केसों में बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जिसके चलते अब सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

सरकार ने इस निर्णय के पीछे युवाओं में बढ़ रही लत, धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय नुकसान जैसे गंभीर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारणों का हवाला दिया है। यही नहीं, इस नियम के अनुसार अगर कोई कंपनी इसका पालन नहीं करती है तो उसे 3 साल की जेल और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि इसे प्रमोट करने वाले लोगों पर भी दंड का प्रावधान है।

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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