Thursday, February 12

ICC to approve continental qualification system for cricket at LA Olympics 2028: आईसीसी अब लॉस एंजेलेस ओलंपिक 2028 के लिए क्रिकेट टीमों के चयन को लेकर एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। इस बार टीमों का चयन सीधे रैंकिंग के आधार पर नहीं बल्कि महाद्वीपीय क्वालिफिकेशन सिस्टम से किया जाएगा। यह बदलाव जुलाई के अंत में हुई ICC की सालाना बैठक में प्रमुख मुद्दों में शामिल था और लगभग सभी सदस्यों ने इसे मंजूरी दे दी है।

हर महाद्वीप से एक टीम को मिलेगा मौका

2028 ओलंपिक में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। अब तक माना जा रहा था कि ये टीमें ICC की निर्धारित कट-ऑफ रैंकिंग के आधार पर चुनी जाएंगी। लेकिन अब यह फॉर्मूला बदल दिया गया है और हर महाद्वीप से एक-एक टीम को कोटा देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस सिस्टम को ओलंपिक की “फाइव रिंग” फिलॉसफी के ज्यादा नजदीक माना जा रहा है, जिसमें हर महाद्वीप की भागीदारी सुनिश्चित होती है।

भारत-पाक मुकाबले की उम्मीद को झटका

इस बदलाव के चलते क्रिकेट प्रेमियों को भारत-पाकिस्तान जैसे हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को नहीं मिल सकते। यदि मौजूदा रैंकिंग को आधार माना जाए, तो एशिया से केवल भारत की टीम क्वालीफाई करेगी और पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे फुल मेंबर देश बाहर हो सकते हैं।

संभावित क्वालिफाई करने वाली टीमें

फिलहाल पुरुष और महिला दोनों वर्गों की टी20 रैंकिंग के आधार पर जिन टीमों के क्वालीफाई करने की संभावना है, वे इस प्रकार हो सकती हैं:

एशिया से: भारत

ओशिनिया से: ऑस्ट्रेलिया

यूरोप से: इंग्लैंड

अमेरिका से: यूएसए या वेस्टइंडीज का कोई देश

अफ्रीका से: साउथ अफ्रीका

छठी टीम के लिए ICC एक ग्लोबल क्वालिफायर टूर्नामेंट का प्रस्ताव भी तैयार कर रहा है, जिसके फॉर्मेट पर अभी चर्चा चल रही है।

अमेरिका की मेज़बानी पर कई सवाल

हालांकि, क्रिकेट USA में पहली बार ओलंपिक का हिस्सा बन रहा है, लेकिन वहां की पुरुष और महिला टीमों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। अमेरिका की पुरुष टीम के अधिकतर खिलाड़ी वहां के निवासी हैं लेकिन सभी नागरिक नहीं हैं। वहीं महिला टीम टॉप 20 रैंकिंग में भी शामिल नहीं है। ऐसे में अमेरिका को सीधे प्रवेश मिलेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला ICC की अक्टूबर में होने वाली मीटिंग में लिया जाएगा।

वेस्टइंडीज की ओर से भी रखा गया प्रस्ताव

वेस्टइंडीज की ओर से भी एक सुझाव आया है कि वे अपने क्षेत्रीय देशों के बीच आंतरिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट करवा सकते हैं। इसमें जो टीम जीतेगी, वह ओलंपिक में भाग लेगी। दूसरा विकल्प यह है कि वेस्टइंडीज के देशों को ICC के डेवलपमेंट रीजन क्वालिफायर में खेलने दिया जाए।

इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड मिलकर खेलेंगे

ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड ने मिलकर एक संयुक्त इकाई बनाई है, जिसका नाम ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट रखा गया है। इससे इन तीन देशों के खिलाड़ी एक साथ ग्रेट ब्रिटेन की टीम का हिस्सा बन सकेंगे।

भविष्य में टीमों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

ECB के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा है कि IOC की योजना भविष्य में टीमों की संख्या बढ़ाने की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2032 के ब्रिस्बेन ओलंपिक तक यह संख्या 8 से 10 तक पहुंच सकती है, और 2036 तक 10 से 12 टीमों तक बढ़ सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि अगर भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी करता है, तो क्रिकेट को और बड़ा मंच मिलेगा। ऐसे में क्रिकेट ओलंपिक का केंद्र बिंदु बन सकता है।

ओलंपिक के नियमों के अनुसार ही चलेगा क्रिकेट

रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा कि फिलहाल क्रिकेट ओलंपिक में IOC के न्यौते पर शामिल किया गया है और ऐसे में उसी के नियमों के तहत ही खेल को चलाना होगा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ टॉप टीमों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह गेम को दुनिया भर में फैलाने का मौका भी है।”

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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