नुवान थुसारा के NOC विवाद ने RCB की परेशानी बढ़ा दी है।

आईपीएल 2026 के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इस टीम के विदेशी तेज गेंदबाज नुवान थुसारा (Nuwan Thushara) इस समय एक कानूनी मामले में फंस गए हैं, जिसका असर सीधे उनके आईपीएल 2026 में खेलने पर पड़ सकता है।

थुसारा को पिछले सीजन RCB ने अपनी टीम में शामिल किया था और उनसे इस सीजन जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में कुछ मैच खेलने की उम्मीद थी, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उनका पूरे टूर्नामेंट में खेलना ही मुश्किल नजर आ रहा है।

NOC विवाद के चलते कोर्ट पहुंचे नुवान थुसारा

दरअसल, किसी भी खिलाड़ी को आईपीएल जैसी विदेशी लीग में खेलने के लिए अपने देश के क्रिकेट बोर्ड से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होता है। इसी नियम के चलते श्रीलंकाई तेज गेंदबाज नुवान थुसारा ने भी श्रीलंका क्रिकेट (SLC) से अपना NOC मांगा था, लेकिन बोर्ड ने उन्हें मना कर दिया। इसके बाद थुसारा ने कोलंबो की अदालत में श्रीलंका क्रिकेट के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।

थुसारा का साफ कहना है कि उनका कॉन्ट्रैक्ट 31 मार्च 2026 को खत्म हो चुका है और अब वह इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहना चाहते हैं। ऐसे में बोर्ड उन्हें IPL खेलने से नहीं रोक सकता।

RCB के लिए बड़ा झटका

RCB के लिए यह मामला बहुत बड़ा झटका बन सकता है। इसकी वजह साफ है कि थुसारा एक क्वालिटी तेज गेंदबाज हैं और जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में टीम को डेथ ओवर्स में उनकी जरूरत थी। लेकिन कोर्ट केस की वजह से वह टीम के साथ नहीं जुड़ पाए हैं। 9 अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है, लेकिन इतना तय है कि फैसला जल्दी आने वाला नहीं है।

इसका मतलब यह है कि थुसारा कम से कम शुरुआती कई मैच मिस करेंगे। अगर मामला लंबा खिंचता है, तो वह पूरे IPL 2026 से बाहर भी हो सकते हैं।

फिटनेस नियम बने सबसे बड़ी वजह

श्रीलंका क्रिकेट ने हाल ही में खिलाड़ियों के लिए कुछ नए फिटनेस नियम लागू किए हैं। इनमें 2 किलोमीटर दौड़, स्प्रिंट टेस्ट, एगिलिटी टेस्ट और स्किनफोल्ड टेस्ट जैसे कई पैरामीटर शामिल हैं।

बोर्ड का कहना है कि इन टेस्ट को पास करना जरूरी है, तभी NOC मिलेगा। लेकिन थुसारा का कहना है कि पहले कभी NOC के लिए ऐसी शर्तें नहीं थीं और उन्होंने पहले भी इसी फिटनेस के साथ IPL खेला है।

हालांकि, ICC के नियमों के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी को कोई विदेशी लीग खेलने के लिए अपने बोर्ड से NOC लेना जरूरी होता है। लेकिन ICC यह तय नहीं करता कि बोर्ड किस आधार पर NOC देगा या रोकेगा। यही वजह है कि अब यह मामला कानूनी विवाद बन गया है।

पहले भी हो चुका है ऐसा केस

यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया है। इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी तबरेज शम्सी ने भी अपने बोर्ड के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस केस में कोर्ट ने खिलाड़ी के पक्ष में फैसला दिया था। इसलिए अब सबकी नजर इस बात पर है कि थुसारा के केस में क्या फैसला आता है।

फिलहाल स्थिति साफ है कि RCB के लिए यह बहुत बड़ा सिरदर्द बन चुका है। अगर कोर्ट से जल्दी राहत नहीं मिलती, तो नुवान थुसारा शायद ही आईपीएल 2026 में खेल पाएं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर इनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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