टेस्ट क्रिकेट में जब किसी टीम के तीन बल्लेबाज शतक लगाते हैं तो आमतौर पर उम्मीद की जाती है कि वह पारी 500 रन के आंकड़े को पार कर जाएगी। किसी भी पारी में तीन सेंचुरी होना इस बात का संकेत होता है कि टीम का स्कोर काफी बड़ा होगा। हालांकि, क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे मौके भी आए हैं जब तीन बल्लेबाजों के शानदार शतक के बावजूद पूरी टीम 500 रन से पहले ही ऑलआउट हो गई। ऐसे दुर्लभ मौके टेस्ट क्रिकेट में गिने-चुने ही रहे हैं, जब टीम के शीर्ष बल्लेबाजों ने शतक लगाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टीम को बड़े स्कोर तक ले जाने में असफल रहे।
इस खास लिस्ट में अब भारतीय टीम का नाम भी जुड़ गया है। इंग्लैंड के खिलाफ 2025 में हेडिंग्ले टेस्ट की पहली पारी में भारत ने तीन शतक लगाए। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने इस पारी में शतक जड़े लेकिन इसके बावजूद टीम 471 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत टेस्ट क्रिकेट इतिहास की उन गिनी-चुनी टीमों में शामिल हो गया जिनके तीन बल्लेबाजों ने शतक जमाए लेकिन पूरी टीम 500 रन से पहले ही ऑलआउट हो गई। आइए जानते हैं टेस्ट क्रिकेट के ऐसे चार खास मौकों के बारे में जब तीन शतक बनने के बावजूद टीम 500 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी।
ये हैं टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में तीन शतक के बावजूद 500 रन से पहले ऑलआउट होने वाली टीमें
1. भारत – 471 बनाम इंग्लैंड, हेडिंग्ले 2025
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट 2025 में पहली पारी में कुल 471 रन बनाए। इस पारी में यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने शानदार शतक जड़े। जायसवाल ने 101 रन बनाए जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 147 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं ऋषभ पंत ने भी 134 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इन तीनों खिलाड़ियों के शतक के बावजूद भारत की पूरी टीम 471 रन पर सिमट गई। भारत की इस पारी में बाकी बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप रहे और कोई भी अन्य बल्लेबाज 50 का आंकड़ा नहीं छू सका। इस वजह से टीम 500 रन तक नहीं पहुंच पाई और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह सबसे कम टोटल बन गया जिसमें एक टीम के तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाया हो।
2. दक्षिण अफ्रीका – 475 बनाम इंग्लैंड, सेंचुरियन 2016
इस लिस्ट में दूसरा नाम दक्षिण अफ्रीका का है जिसने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट में पहली पारी में 475 रन बनाए थे। इस पारी में तीन शतक बने थे। ओपनर स्टीफन कुक ने 115 रन बनाए, क्विंटन डिकॉक ने 129 रनों की तेज पारी खेली और हाशिम अमला ने भी शानदार 109 रन बनाए। इन तीन शतकों के बावजूद दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 475 रन पर ऑलआउट हो गई थी। बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके और टीम का स्कोर 500 रन तक नहीं पहुंच सका। इस पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने मजबूत स्थिति हासिल की थी लेकिन इंग्लैंड ने भी जोरदार वापसी की थी।
3. ऑस्ट्रेलिया – 494 बनाम इंग्लैंड, हेडिंग्ले 1924
टेस्ट इतिहास के पुराने पन्नों में भी इस तरह की मिसालें मिलती हैं। 1924 में ऑस्ट्रेलिया ने हेडिंग्ले टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 494 रन बनाए थे। इस पारी में तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे। ओपनर बिल पुंसफोर्ड ने 108 रन बनाए, हैरबर्ट कॉलिन्स ने 104 रनों की पारी खेली और जॉन टेलर ने भी 106 रन बनाए। उस समय के लिहाज से यह पारी बहुत बड़ी मानी गई थी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम 500 के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई थी। अन्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे और पूरी टीम 494 रन पर सिमट गई थी। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड पर दबाव बनाया था और मुकाबले में बढ़त भी हासिल की थी।
4. वेस्टइंडीज – 497 बनाम भारत, कोलकाता 2002
इस लिस्ट में चौथा नाम वेस्टइंडीज का है जिसने 2002 में भारत के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में पहली पारी में 497 रन बनाए थे। इस पारी में भी तीन बल्लेबाजों ने शानदार शतक जड़े थे। वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल ने 88 रन बनाए जबकि वॉवेल हिंड्स ने 100 रन की पारी खेली। इसके अलावा शिवनारायण चंद्रपॉल ने 136 और ब्रायन लारा ने 117 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के दौरान वेस्टइंडीज मजबूत स्थिति में थी लेकिन इसके बावजूद टीम 500 रन पूरे नहीं कर सकी। बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके जिससे पूरी टीम 497 रन पर आउट हो गई।
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