मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार गेंदबाजी कर चयनकर्ताओं का ध्यान फिर खींचा है और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर रहे हैं लेकिन अब उनके वापसी की उम्मीद फिर मजबूत हो गई है। शमी ने आखिरी बार भारत के लिए मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल खेला था और तब से वह चोट और रिकवरी के चलते बाहर चल रहे थे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ आने वाली तीन मैचों की ODI सीरीज 11 जनवरी से शुरू हो रही है और शमी को इसी सीरीज के लिए टीम में शामिल किए जाने की संभावना तेजी से बढ़ गई है, जो उनके आगे के करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।
घरेलू प्रदर्शन ने फिर जगाई उम्मीदें
शमी की वापसी की चर्चा तब तेज हुई जब बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने उनके हालिया घरेलू प्रदर्शन को बारीकी से देखना शुरू किया। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अब तक 3 मैचों में 6 विकेट और इससे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 7 मैचों में 16 विकेट ने यह साबित किया कि वह अच्छे फॉर्म में हैं।
इसके साथ ही, इन दोनों टूर्नामेंट्स से पहले खेले गए रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लीग स्टेज में बंगाल के लिए 4 मैचों की 7 पारियों में 20 विकेट निकालकर उन्होंने अपना अनुभव और नियंत्रण दोनों दिखाया, जिससे उन पर चयनकर्ताओं का भरोसा अब एक बार फिर बढ़ा है।
शमी की फिटनेस बनी हुई है चिंता का विषय
हालांकि, शमी की फिटनेस अभी भी चयन के फैसले में सबसे बड़ा फैक्टर है, क्योंकि घुटने और टखने की चोटों ने उन्हें कई महीनों तक बाहर रखा था। वर्ल्ड कप 2023 के बाद से उनकी रिकवरी प्रक्रिया लंबी रही और इसी वजह से इस साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें भारत की व्हाइट बॉल सीरीज से बाहर भी रहना पड़ा।
शमी ने चयन न होने पर नाराजगी भी जाहिर की थी, जिससे यह साफ दिखा कि वह वापसी के लिए बेहद उत्सुक हैं। चयनकर्ताओं के अनुसार गेंदबाजी क्षमता पर कोई शक नहीं है और फिटनेस स्थिर रहने पर वापसी तय मानी जा रही है।
टीम मैनेजमेंट की नजर वर्ल्ड कप 2027 पर
टीम इंडिया आने वाले समय में बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कर रही है और इसी योजना में शमी के अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खबरों के अनुसार चयनकर्ता उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज में आजमाना चाहते हैं, ताकि उनकी लय और फिटनेस का वास्तविक आकलन किया जा सके।
शमी भारत के लिए आईसीसी सफेद गेंद टूर्नामेंटों में सबसे सफल गेंदबाज हैं और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में नौ विकेट लेकर उन्होंने यह साबित किया था कि बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन अभी भी मजबूत है। इस वजह से वर्ल्ड कप 2027 की योजना में उनका नाम फिर चर्चा में आ गया है।
वापसी से पहले आखिरी तैयारी
शमी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में फिटनेस से जुड़े अहम टेस्ट पास कर लें, क्योंकि चयन की घोषणा इसी पर निर्भर करेगी। टीम में उनकी मौजूदगी भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और रफ्तार दोनों दे सकती है।
यह भी माना जा रहा है कि यदि न्यूजीलैंड सीरीज में वह मजबूत वापसी करते हैं तो आने वाले सालों में उनके लिए और मौके बन सकते हैं जिससे वह भारतीय टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे।
मोहम्मद शमी की संभावित वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजी में टीम इंडिया की गहराई का संकेत भी है। घरेलू प्रदर्शन और अनुभव ने उन्हें फिर से चयन की दौड़ में शामिल किया है और यदि फिटनेस ने साथ दिया तो न्यूजीलैंड ODI सीरीज उनके लिए एक नई शुरुआत बन सकती है।
आने वाले दिनों में यह तय हो जाएगा कि क्या शमी दोबारा भारतीय जर्सी पहनकर अपने विकेट लेने की क्षमता से टीम इंडिया को मजबूती देंगे या उन्हें थोड़ा और इंतजार करना होगा।
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