Steve Smith says Australia can bounce back even if Perth Test goes wrong in Ashes 2025: ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम एशेज 2025 की शुरुआत ऐसे माहौल में करने जा रही है जहां टीम पूरी तरह सॉलिड नजर नहीं आ रही है। पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे बड़े गेंदबाज पहले टेस्ट में नहीं खेल रहे हैं और दो नए खिलाड़ी एक साथ डेब्यू करने जा रहे हैं। इसके बावजूद कप्तान स्टीव स्मिथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह का भरोसा जताया, उसने टोन साफ कर दिया कि टीम दबाव में नहीं है और हालात जैसे भी हों, वे लड़ने के लिए तैयार हैं।
स्मिथ काफी शांत और अनुभवपूर्ण अंदाज में मीडिया के सामने बैठे और उन्होंने बताया कि यह स्थिति भले ही प्लान A या प्लान B जैसी नहीं हो, लेकिन टीम के अंदर जिस तरह का भरोसा है वह उन्हें चिंता करने नहीं देता। वह मानते हैं कि पिछले साल भारत के खिलाफ पहला टेस्ट हारने के बाद भी उन्होंने सीरीज जीतकर दिखाया था, इसलिए इस बार भी टीम खुद को साबित करने के लिए तैयार है।
ऑस्ट्रेलिया की तैयारियां और पिछले साल से मिले सबक
ऑस्ट्रेलिया को 12 महीने पहले भारत के खिलाफ पर्थ में करारी हार मिली थी। तब समझ आ गया था कि टीम तैयारी में पीछे रह गई थी। उस गलती को इस बार नहीं दोहराया गया है। लगभग हर खिलाड़ी ने हाल ही में शेफील्ड शील्ड मैच खेले हैं, जबकि पिछले साल ऐसा नहीं हो पाया था। यहां तक कि टीम के खिलाड़ी शहर में गोल्फ खेलने भी कम निकले हैं, ताकि ट्रेनिंग में कोई कमी न रह जाए।
इस बार खिलाड़ियों ने खुद को एक सीमित दायरे में रखा है। टीम की स्क्वाड लिस्ट से लेकर फाइनल इलेवन तक की जानकारी मीडिया में लीक नहीं हुई और सभी ने मिलकर एक तरह की प्राइवेट तैयारी की है। स्मिथ के अनुसार टीम बाहरी शोर पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रही है और सिर्फ अपने प्रोसेस पर फोकस कर रही है।
दो डेब्यू और नई ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा
पहले टेस्ट में ब्रेंडन डॉगेट और जेक वेदराल्ड को एक साथ डेब्यू करने का मौका मिलेगा। यह 2019 के बाद पहली बार है, जब ऑस्ट्रेलिया दो नए खिलाड़ियों को एक ही टेस्ट में उतार रहा है। इसके साथ ही उस्मान ख्वाजा को 16 टेस्ट में सातवीं बार नया ओपनिंग पार्टनर मिलेगा। यह सब ऑस्ट्रेलिया के अनसेटेल्ड होने का संकेत देता है, लेकिन टीम मैनेजमेंट इसे अवसर की तरह देख रहा है।
स्मिथ ने कहा कि टीम के पास इतनी क्षमता है कि अगर पहला टेस्ट उनके पक्ष में न भी गया तो वे सीरीज में वापसी कर सकते हैं। उनका इशारा साफ था कि कमिंस शायद अगला टेस्ट खेल सकते हैं और हेजलवुड की स्थिति भी आने वाले दिनों में साफ होगी।
बैजबॉल को लेकर कूल नजर आए स्मिथ
इंग्लैंड की बैजबॉल रणनीति पर लगातार चर्चा होती रहती है। 2023 की एशेज में कई मौकों पर ऑस्ट्रेलिया थोड़ा असहज दिखा भी था, लेकिन इस बार स्मिथ ने स्पष्ट किया कि इंग्लैंड की तेजी से रन बनाने की कोशिश उन्हें परेशान नहीं करती।
उनकी नजर में असली बात यह है कि हर सिचुएशन में सही टेम्पो से खेला जाए। अगर इंग्लैंड तेजी से रन बनाएगा तो ऑस्ट्रेलिया थोड़ा डिफेंसिव होगा और सही समय आने पर अटैक में लौटेगा।
स्मिथ ने कहा कि टीम सिर्फ उसी गेम को खेलेगी जो सामने उस वक्त बनाया जा रहा होगा। यह एक अनुभव की बात है और वह इसे अपने खिलाड़ियों को लगातार समझा रहे हैं।
सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया शांत है लेकिन तैयार भी
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों के पास इस सीरीज में कई अनजाने पहलू हैं। लेकिन जिस तरह स्मिथ ने शांत माहौल का जिक्र किया वह बताता है कि टीम किसी भी स्थिति को लेकर घबराई नहीं है। भले ही पहले टेस्ट में कमिंस और हेजलवुड जैसे बड़े नाम न हों, पर टीम का माहौल स्थिर है और सभी खिलाड़ी सीरीज के लिए तैयार हैं।
कमिंस नेट्स में काफी बेहतर दिख रहे हैं और अगले मैचों में उनके लौटने की उम्मीद है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को भरोसा है कि कठिन परिस्थितियां भी उन्हें तोड़ नहीं पाएंगी।
ऑस्ट्रेलिया चाहे कमजोर दिखे या दबाव में हो, लेकिन स्मिथ और उनकी टीम जानते हैं कि एशेज जैसे मुकाबले अक्सर मानसिक मजबूती से जीतते हैं। पर्थ का पहला टेस्ट उनके लिए शुरुआत मात्र है और वे इसे आखिरी मौका नहीं मान रहे।
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