टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड ने खिलाफ 89 रनों की पारी खेलकर खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसी के साथ वो इस बार के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने। लेकिन उनके लिए यह सफर इतना आसान नहीं था क्योंकि शुरुआती मुकाबलों में तो वो टीम में भी नहीं थे।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद संजू ने बताया कि मुश्किल समय में सचिन सर से बात की और उनसे सीखने को मिला।
सपना सच होने जैसा लग रहा– संजू सैमसन
संजू ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद पोस्ट मैच इंटरव्यू में कहा कि, सच में, यह एक सपने जैसा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। मेरे पास अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं अभी इस दौर से गुजर रहा हूँ, इसलिए यह थोड़ा अवास्तविक सा लग रहा है।
2024 में भी करना चाहता था ऐसे परफॉर्म– संजू
संजू ने कहा, मुझे लगता है, यह सब एक-दो साल पहले शुरू हुआ था। जब मैं वेस्टइंडीज में 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के साथ था, तब मैं एक भी मैच नहीं खेल पाया था। मैं लगातार कल्पना करता रहा। मैं सपने देखता रहा। मैं मेहनत करता रहा। मैं यही काम पहले भी करना चाहता था।
सचिन तेंदुलकर सर ने की मुश्किल समय में मदद
संजू सैमसन ने आगे कहा कि, भारतीय टीम के कुछ पूर्व खिलाड़ियों से मुझे बहुत सुझाव मिले और उन्होंने मेरी मदद करने की कोशिश की। लेकिन मुझे लगता है कि पिछले कुछ महीनों से, मैं सचिन तेंदुलकर सर के लगातार संपर्क में रहा हूँ। जब मैं ऑस्ट्रेलिया में था, और प्लेइंग 11 से बाहर बैठा था, मैं कोई मैच नहीं खेल रहा था। तो मैंने सोचा, ठीक है, अब किस तरह की मानसिकता की ज़रूरत है? इसलिए मैंने सर से संपर्क किया और उनसे बहुत लंबी बातचीत की।
यहीं नहीं संजू ने आगे बताया कि, कल फाइनल मुकाबले से पहले उन्होंने मुझे फोन करके मेरा हालचाल पूछा। तो, मुझे लगता है कि उनके जैसे व्यक्ति से सीख मिली, इससे ज़्यादा मैं और क्या माँग सकता हूँ?
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