Tuesday, March 3

सुनील गावस्कर के मुताबिक जसप्रीत बुमराह और तिलक वर्मा भारत को इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक बढ़त दिला सकते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल जैसे-जैसे करीब आ रहा है, माहौल और भी गरम होता जा रहा है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। मुकाबला बराबरी का माना जा रहा है, लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर को लगता है कि भारत के पास हल्की सी बढ़त है।

गावस्कर ने साफ कहा कि यह मैच एक जबरदस्त टक्कर वाला होगा। उनके शब्दों में यह मुकाबला एक असली रोमांचक लड़ाई बनने जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमों के पास मजबूत बल्लेबाजी, विविधता भरी गेंदबाजी और मैच फिनिश करने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं।

बुमराह बनाम इंग्लैंड बल्लेबाज, यही होगा असली खेल

गावस्कर का मानना है कि जसप्रीत बुमराह इस मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बुमराह को पॉवरप्ले में कम से कम दो ओवर जरूर देने चाहिए।

उन्होंने कहा, अगर बुमराह नई गेंद से जोस बटलर, फिल सॉल्ट या हैरी ब्रूक में से किसी को जल्दी आउट कर देते हैं तो इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर टूट सकती है। उनका मानना है कि अगर बुमराह पांचवें ओवर में आते हैं तो तब तक बल्लेबाज 8 से 10 गेंद खेलकर सेट हो चुके होते हैं। ऐसे में शुरुआत में ही आक्रमण करना ज्यादा असरदार रहेगा।

गावस्कर ने बुमराह की गेंदबाजी को समझाना भी दिलचस्प तरीके से किया। उन्होंने कहा कि बुमराह गेंदबाजी के दौरान कुछ भी जाहिर नहीं होने देते। बल्लेबाज यह नहीं पढ़ पाता कि गेंद अंदर आएगी या बाहर जाएगी। यही अनिश्चितता उन्हें खतरनाक बनाती है।

तिलक वर्मा की लचीलापन ही भारत की ताकत

गावस्कर ने सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि भारत की बल्लेबाजी लचीलापन की भी तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर तिलक वर्मा का नाम लिया।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से तिलक वर्मा को बहुत समझदार क्रिकेटर मानता हूं। वह परिस्थिति को समझकर खेलते हैं।”

टीम मैनेजमेंट ने उन्हें अलग-अलग पोजिशन पर बल्लेबाजी कराई है, कभी नंबर 3 पर तो कभी 5 और 6 पर। सुपर 8 स्टेज में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी पारियों ने भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

गावस्कर ने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तिलक की पारी ने संजू सैमसन पर से दबाव हटा दिया था। अगर तिलक संघर्ष करते, तो सैमसन को जोखिम लेना पड़ता। यही टीम की असली मजबूती है कि बल्लेबाजी क्रम परिस्थिति के हिसाब से बदला जा सकता है।

जोस बटलर को हल्के में लेना खतरनाक

भले ही इस टूर्नामेंट में जोस बटलर का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, लेकिन गावस्कर ने चेतावनी दी कि उन्हें नजरअंदाज करना बड़ी गलती होगी।

उन्होंने कहा कि बटलर वही खिलाड़ी हैं जो आईपीएल और आईसीसी टूर्नामेंट में मैच का रुख अकेले बदल सकते हैं। इसलिए भारत के लिए जरूरी होगा कि उन्हें जल्दी आउट किया जाए।

मुंबई में होने वाला यह मुकाबला 2022 और 2024 की यादें भी ताजा करेगा। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर खिताब जीता था, जबकि 2024 में भारत ने बदला लेते हुए सेमीफाइनल जीता और फिर ट्रॉफी उठाई।

इस बार भी कहानी वही है, लेकिन किरदार नए मोड़ पर खड़े हैं। गावस्कर को भरोसा है कि बुमराह की धार और तिलक वर्मा की समझदारी भारत को इंग्लैंड पर हल्की बढ़त दिला सकती है। अब देखना यह है कि मैदान पर यह भरोसा हकीकत बनता है या नहीं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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