Thursday, March 12

भारत में लगातार क्रिकेट का प्रसार हो रहा हैं। जिसके चलते आये दिन कोई न कोई नयी लीग सामने आती रहती हैं। भारत में सीजन बॉल तो काफी फेमस हैं लेकिन उससे भी ज्यादा पॉपुलैरिटी टेनिस बॉल की हैं। क्योंकि यह सस्ती आती हैं और इससे खेलने के लिए बहुत से क्रिकेटिंग इक्विपमेंट की जरुरत भी नहीं होती हैं। इसलिए हर गली मोहल्ले में लोग अक्सर टेनिस बॉल से खेलते हुए दिख जाते हैं।

टेनिस बॉल को बढ़ावा देने के लिए अब एक नई लीग शुरू की गई है जिसका नाम हैं “इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग” इस लीग के ब्रांड एम्बेस्डर क्रिकेट के भगवन कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर खुद हैं। इस लीग में काफी ऐसे नियम है जो इंटरनेशनल क्रिकेट में प्रयोग नहीं किए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि ISPL के अतरंगी नियमों के बारे में

टिप-टॉप टॉस क्या है?

Unique Rules Of Indian Street Premier League
Unique Rules Of Indian Street Premier League

इस लीग में टॉस का तरीका बिल्कुल अलग होगा। दोनों कप्तान पंजे से चलते हुए आगे बढ़ेंगे, और जो कप्तान पहले दूसरे के पैर पर कदम रख देगा, वही टॉस जीत जाएगा।

पावरप्ले

इंटरनेशनल स्ट्रीट प्रीमियर लीग में एक मैच 10 ओवरों का होता हैं। टी20 क्रिकेट में पहले 6 ओवर पावरप्ले होता हैं, लेकिन आईएसपीएल टी10 में केवल पहले 2 ओवर पावरप्ले के होते हैं। इन 2 ओवरों में सिर्फ 2 फील्डर ही 30 यार्ड सर्किल के बाहर हो सकते हैं। इसके अलावा 3 से 9 ओवर के बीच बल्लेबाज़ी टीम 1 ओवर का बैटिंग पावरप्ले ले सकती है।

स्ट्रीट रन क्या है?

अगर कोई बल्लेबाज़ सीधा बाउंड्री के बाहर शॉट मारता है और गेंद दर्शकों के बीच गिरती है, तो उस शॉट पर टीम और बल्लेबाज़ को 9 रन मिलेंगे।

50-50 ओवर क्या होता है?

50-50 ओवर एक स्पेशल चैलेंज ओवर होता है। इस ओवर में बल्लेबाज़ी टीम अच्छा खेले तो बोनस रन मिलते हैं और खराब खेलने पर पेनल्टी रन कट सकते हैं।

50-50 ओवर कैसे चुना जाएगा?

5वां ओवर खत्म होने के बाद, स्ट्रेटेजिक टाइमआउट में इसकी घोषणा करनी होगी। इसके बाद बल्लेबाज़ी टीम बताएगी कि 6वां, 7वां या 8वां ओवर में से कौन सा 50-50 ओवर होगा। बैटिंग टीम को साथ में यह भी बताना होता हैं कि कौन सा गेंदबाज़ यह ओवर फेंकेगा।

बल्लेबाजी टीम जिस गेंदबाज को चुनेगी उसने उसके पहले या तो एक भी ओवर नहीं फेंका होना चाहिए या फिर 1 ओवर ही फेंक होना चाहिए। हालाँकि बैटिंग टीम इस ओवर के लिए अंडर-19 गेंदबाज़ को नहीं चुन सकती है।

अगर 50-50 ओवर घोषित नहीं किया गया तो?

अगर बल्लेबाज़ी टीम टाइमआउट में 50-50 ओवर के बारे में नहीं बताती है, तो 8वां ओवर अपने आप 50-50 ओवर बन जाएगा, और उस स्थिति में टीम अपने अनुसार गेंदबाज़ को नहीं चुन पाएगी।

बोनस और पेनल्टी का नियम

बल्लेबाज़ी टीम को 50-50 ओवर में कम से कम 16 रन बनाने का टारगेट मिलेगा और अगर वो इस लक्ष्य को पूरा कर लेते हैं तो उन्हें उस ओवर में बनाये गए रनों का 50% बोनस मिल जाएगा।

हालाँकि बल्लेबाजी टीम अगर लक्ष्य पूरा नहीं कर पाती हैं तो उस ओवर में बने रनों का 50% टीम के स्कोर से काट लिया जाएगा।

नोट: ये बोनस या पेनल्टी रन खिलाड़ियों के निजी स्कोर में नहीं जुड़ेंगे।

बोनस के आसान उदाहरण

  • अगर ओवर में 20 रन बने तो 10 रन बोनस के साथ कुल 30 रन जोड़े जायेंगे।
  • अगर ओवर में 14 रन बने तो 7 रन काट दिए जायेंगे और उस ओवर में कुल 7 रन ही जोड़े जायेंगे।

टेप बॉल ओवर क्या होता है?

हर पारी में काम से कम 1 ओवर टेप बॉल से फेंका जायेगा। बॉलिंग टीम कभी भी इस ओवर को फेंक सकती हैं।

प्लेइंग इलेवन का नियम

हर टीम की प्लेइंग इलेवन में 5 ज़ोन के खिलाड़ी और 1 अंडर-19 खिलाड़ी होना जरूरी है।

सब्स्टीट्यूट फील्डर

हर टीम मैच के दिन 2 सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी रख सकती है। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है, तो उसी ज़ोन के अनसोल्ड खिलाड़ी को उसकी जगह लिया जा सकता है।

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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