विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में दो बल्लेबाजों ने दोहरा शतक जड़ा और इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कुल 9 बल्लेबाज दोहरा शतक लगा चुके हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का ऐसा मंच है जहां बल्लेबाजों की लंबी पारी खेलने की असली परीक्षा होती है। यहां दोहरा शतक लगाना सिर्फ बड़े शॉट्स का नतीजा नहीं होता, बल्कि शुरुआत में विकेट बचाना, मिडिल ओवर्स में रनगति बनाए रखना और आखिरी ओवर्स में तेजी से रन जोड़ना भी उतना ही जरूरी होता है। इस टूर्नामेंट में डबल सेंचुरी बनाने का मतलब है पूरे 50 ओवर में रन बनाने की प्रक्रिया पर पकड़ रखना।
विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में अब तक कई बल्लेबाजों ने 200 प्लस स्कोर बनाकर मैच की दिशा बदल दी है। कुछ पारियों ने टीम को विशाल स्कोर दिया, तो कुछ ने सफल रन-चेज में बड़ा रोल निभाया। इस लिस्ट में शामिल हर खिलाड़ी की दोहरी पारी आंकड़ों, साझेदारियों, गेंदों, चौकों और छक्कों के आधार पर साफ दिखाती है कि सही समय पर बड़ा स्कोर कैसे मैच के नतीजे को निर्धारित करता है।
ये है विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट
1. कर्ण कौशल (उत्तराखंड) – 202 रन बनाम सिक्किम (2018)
उत्तराखंड के कर्ण कौशल ने 2018 में सिक्किम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 135 गेंदों पर 202 रन बनाए और ओपनिंग में उतरकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। रनगति को लगातार बनाए रखते हुए उन्होंने स्ट्राइक रोटेशन और बड़े शॉट्स का सही संतुलन रखा, जिससे टीम लंबे समय तक स्कोर आगे बढ़ाती रही। उनकी पारी की वजह से टीम शुरुआती ओवर्स से ही रनगति में पीछे नहीं रही।
कर्ण कौशल की इस डबल सेंचुरी की बदौलत उत्तराखंड ने 366 रन बनाए और सिक्किम मात्र 167 रनों पर ऑल आउट हो गया। उत्तराखंड ने यह मैच 199 रनों से जीता और यह पारी कर्ण कौशल के करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।
2. संजू सैमसन (केरल) – 212* रन बनाम गोवा (2019)
2019 में केरल के खिलाफ टॉप ऑर्डर जल्दी गिरने पर संजू सैमसन तीसरे नंबर पर उतरकर 129 गेंदों पर 212 रन नाबाद रहे। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे। शुरुआत में उन्होंने विकेट बचाकर रन बटोरे और फिर सेट होने के बाद बड़े शॉट्स से रनगति बढ़ाई। सचिन बेबी के साथ उनकी लंबी साझेदारी ने स्कोर को लगातार आगे बढ़ाया और टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया।
केरल ने 377 रन बनाए और गोवा 273 रन पर सिमट गया। इस तरह केरल ने यह मैच 104 रनों से जीता और मैच का पूरा अंतर संजू सैमसन की डबल सेंचुरी रही। उनकी यह पारी न सिर्फ मैच विनिंग रही, बल्कि विजय हजारे में दोहरा शतक लगाने वाले दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम भी शामिल कर गई।
3. यशस्वी जायसवाल (मुंबई) – 203 रन बनाम झारखंड (2019)
यशस्वी जायसवाल ने 2019 में मुंबई और झारखण्ड के बीच खेले गए मुकाबले में 154 गेंदों पर 203 रन बनाए थे, जिसमें 17 चौके और 12 छक्के शामिल थे। यह लिस्ट A क्रिकेट में उनका पहला दोहरा शतक था। इस मैच में उन्होंने पहले विकेट पर टिककर ओपनिंग की और जैसे-जैसे ओवर्स बढ़ते गए, बड़े शॉट्स से मुंबई की रनगति को आगे बढ़ाया। उनकी पारी ने शुरुआती सावधानी और बाद में आक्रामक रनगति का बेहतरीन तालमेल पेश किया।
यशस्वी के दोहरे शतक की बदौलत मुंबई ने 358 रन बनाए और लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड की टीम 319 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मुंबई ने यह मैच 39 रनों से जीता और इस पारी ने यशस्वी को घरेलू क्रिकेट में पहचान दिलाई। इसी पारी से उनके करियर ने नई गति पकड़ी और वह भारतीय क्रिकेट में उभरते स्टार के रूप में पहचान बनाने लगे।
4. पृथ्वी शॉ (मुंबई) – 227 रन नाबाद बनाम पुद्दुचेरी (2021)
2021 में पृथ्वी शॉ ने पुद्दुचेरी के खिलाफ 152 गेंदों पर नाबाद 227 रन बनाए, जिसमें 31 चौके और 5 छक्के शामिल थे। शॉ ने पूरे मैच में रनगति को कम नहीं होने दिया और शुरुआत से लेकर पारी के अंत तक क्रीज पर टिके रहकर मुंबई की रन मशीन बने रहे। उनकी इस पारी के दौरान उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट की, जिससे दूसरी ओर बल्लेबाजों को भी सेट होने का मौका मिला और टीम की रनगति कायम रही।
मुंबई ने पृथ्वी शॉ की इस नाबाद पारी की बदौलत 50 ओवर में 457 रन बनाए। जवाब में पुद्दुचेरी 224 रन पर ऑल आउट हो गई और मुंबई ने यह मैच 233 रनों से जीत लिया। यह दोहरा शतक विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे आसान रन चेज को भी पूरी तरह दूर कर देने वाला साबित हुआ। इस मैच को पृथ्वी शॉ की पारी ने एकतरफा बना दिया और उनकी यह इनिंग घरेलू क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
5. नारायण जगदीशन (तमिलनाडु) – 277 रन बनाम अरुणाचल प्रदेश (2022)
तमिलनाडु नारायण जगदीशन ने 2022 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 141 गेंदों पर 277 रन बनाकर विजय हजारे ट्रॉफी ही नहीं बल्कि A क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। उनकी पारी में 25 चौके और 15 छक्के शामिल थे, और शुरुआत से लेकर पूरे 50 ओवर तक उनकी स्ट्राइक रेट लगातार ऊंची बनी रही। इस पारी के दौरान उन्होंने साई सुदर्शन के साथ लंबी साझेदारी निभाई, जिसने तमिलनाडु की पहली पारी को मजबूत आधार दिया। जगदीशन की पारी ने स्कोर को लगातार आगे बढ़ाया और टीम 400 रन पार करने से पहले ही उनकी बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह तय हो गया था।
तमिलनाडु ने 50 ओवर में 506 रन का विशाल स्कोर बनाया और अरुणाचल प्रदेश इस स्कोर के सामने सिर्फ 71 रन ही बना पाया। तमिलनाडु ने यह मुकाबला 435 रनों से जीता, जो घरेलू क्रिकेट में सबसे बड़े जीत अंतर में से एक है। इस मैच में नारायण जगदीशन की पारी ने सिर्फ टीम को एकतरफा जीत नहीं दिलाई बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड भी दर्ज कराया।
6. ऋतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) – 220* रन बनाम उत्तर प्रदेश (2022)
अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में ऋतुराज गायकवाड़ ने 220 गेंदों पर नाबाद 159 रन बनाए और पारी के अंत में 16 छक्कों की मदद से स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। उनकी पारी का सबसे बड़ा आकर्षण 49वें ओवर में शिवा सिंह की गेंदों पर लगातार 7 छक्के लगाना रहा, जिसमें नो बॉल शामिल होने से यह संभव हुआ। शुरुआती ओवरों में उन्होंने विकेट संभाला, टीम 41 पर 2 और 123 पर 3 विकेट खो चुकी थी, लेकिन ऋतुराज ने स्ट्राइक रोटेट और छक्कों से पारी को बचाकर मजबूत मोड़ दिया।
महाराष्ट्र ने 330 रन बनाए और उत्तर प्रदेश ने जवाब में 47.4 ओवर में 272 रन बनाए। महाराष्ट्र ने यह मैच 58 रनों से जीता और सेमीफाइनल में जगह बनाई। ऋतुराज की यह पारी रनगति, टाइमिंग और बड़े शॉट्स के संयोजन की वजह से विजय हजारे इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई।
7. समर्थ व्यास (सौराष्ट्र) – 200 रन बनाम मणिपुर (2022)
सौराष्ट्र के बल्लेबाज समर्थ व्यास ने 2022 में मणिपुर के खिलाफ खले गए एक मैच में 131 गेंदों पर 200 रन बनाए और टीम के शुरू से ही रनगति को आगे बढ़ाया। उन्होंने मैदान के हर हिस्से में शॉट खेले और अपनी पारी में लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए बड़े शॉट्स लगाए। दूसरे छोर से हुए हार्विक देसाई के शतक ने इस पारी को मजबूत सहारा दिया और टीम को विशाल कुल तक पहुंचाया।
समर्थ की इस दोहरे शतक की बदौलत सौराष्ट्र ने 397 रन बनाए और लक्ष्य का पीछा करते हुए मणिपुर मात्र 115 रनों पर सिमट गया। सौराष्ट्र ने यह मैच 282 रनों से जीता और समर्थ की पारी टीम की जीत में सबसे बड़ा अंतर साबित हुई।
इन सभी पारियों में एक बात समान रही कि बल्लेबाजों ने न सिर्फ दोहरा शतक लगाया बल्कि मैच के नतीजे को भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। कुछ पारी टीम को जीत दिला गईं, कुछ हार में भी यादगार रहीं, लेकिन हर दोहरे शतक ने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में इन खिलाड़ियों का नाम स्थायी रूप से दर्ज कर दिया।
8. स्वास्तिक समल (उड़ीसा) – 212 रन बनाम सौराष्ट्र (2025)
2025 में उड़ीसा की पारी की शुरुआत खराब रही और 50 रन तक पहुंचने से पहले ही तीन विकेट गिर गए, लेकिन स्वास्तिक समल ने 169 गेंदों पर 212 रन बनाकर टीम को संभाला। इस दौरान उन्होंने 21 चौके और 8 छक्के लगाए और कप्तान बिप्लब समंतराय के साथ चौथे विकेट के लिए 261 रनों की साझेदारी की। शुरुआती धैर्य और अंत में रनगति को बढ़ाना उनकी इस पारी की पहचान रही।
समल के दोहरा शतक की बदौलत उड़ीसा ने 345 रन बनाए, लेकिन सौराष्ट्र ने 7 गेंद शेष रहते हुए 5 विकेट से मैच जीत लिया। दूसरी पारी में सम्मर गज्जर के 132 और चीरा जानी के 86 रन* की बदौलत सौराष्ट्र मैच जीतने में सफल रहा। परिणाम सौराष्ट्र के पक्ष में गया, लेकिन स्वास्तिक समल की यह पारी उन्हें विजय हजारे इतिहास में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दिला गई।
9. अमन राव (हैदराबाद) – 200 रन बनाम बंगाल (2026)
विजय हजारे ट्राफी 2026 में राजकोट में खेले गए एक मुकाबले में हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अमन राव ने बंगाल के खिलाफ 154 गेंदों पर 200 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी पारी के बीच उन्होंने 12 चौके और 13 छक्के लगाए। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत हैदराबाद ने निर्धारित 50 ओवरों में 5 विकेट खोकर 352 रन बनाए।
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