Friday, February 13

क्रिकेट के इतिहास में साल 1981 में अंडरआर्म गेंदबाजी का पहला मामला देखने को मिला था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा था। न्यूजीलैंड को मैच जीतने के लिए आखिरी गेंद पर 6 रन चाहिए थे। इस अंतिम गेंद पर, कप्तान ने ट्रेवर चैपल को अंडरआर्म गेंदबाजी करने का निर्देश दिया। इस दौरान गेंद ज़मीन पर लुढ़क गई और न्यूजीलैंड टीम को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। यह क्रिकेट इतिहास की शर्मनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है।

अंडरआर्म बॉलिंग की शुरुआत किस ग्राउंड पर और कब हुई थी?

साल 1981 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान यह घटना घटी थी।

अंडरआर्म गेंदबाजी की पूरी कहानी

1981 में किवी टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, और तीन मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज़ में दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीते थे। 1 फरवरी को खेले जा रहे तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 234 रन बनाए, जिसमें कप्तान ग्रेग चैपल ने 90 रन बनाए थे।

जवाब में 234 रनों का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की ओर से ब्रूस एडगर ने नाबाद 102 रन बनाए। आखिरी ओवर में किवी टीम को जीत के लिए मात्र 15 रन की आवश्यकता थी। इस ओवर में कप्तान ग्रेग चैपल ने अपने भाई ट्रेवर चैपल को गेंदबाजी के लिए भेजा। वहीं, अंतिम गेंद पर न्यूजीलैंड की टीम को जीत के लिए 6 रन की आवश्यकता थी। तब कप्तान ने ट्रेवर को अंडरआर्म गेंदबाजी करने का निर्देश दिया और गेंदबाज ने वही किया। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम हार गई, लेकिन इसके बाद इस गेंदबाजी एक्शन की काफी निंदा की गई थी ।

क्रिकेट में अंडरआर्म बॉलिंग पर लगा बैन

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल को क्रिकेट के नियमों में संशोधन करना पड़ा। इस घटना के बाद ही वनडे मैचों में अंडरआर्म गेंदबाजी पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया गया। बाद में ग्रेग चैपल ने अपनी गलती स्वीकार की। ट्रेवर चैपल को हमेशा इस बात का अफसोस रहा कि उन्होंने अपने भाई की बात मानकर अपना नाम क्रिकेट इतिहास की एक शर्मनाक घटना में दर्ज करवा लिया।

इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया के लोगों बहुत से फैन्स का मानना था कि अंडरआर्म बॉलिंग करना एक गलत फैसला था जिसने खेल को बुरी तरह प्रभावित किया। इसे अक्सर चैपल बंधुओं की “मूर्खता” या गलत निर्णय के रूप में देखा जाता है, जिसने क्रिकेट में उनकी विरासत को कलंकित किया।

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मैं एक हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग, ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में फीचर राइटिंग और स्पोर्ट्स कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग कंटेंट क्रिएशन पर कार्यरत हूं। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ मैं वर्डप्रेस वेबसाइट पर ऑन-पेज और ऑफ-पेज SEO, ग्राफिक डिजाइन (कैनवा), और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में भी कुशल हूं।

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