Friday, February 13

क्रिकेट के खेल और नियम लगातार संशोधन होते रहते हैं, आज जो आधुनिक क्रिकेट हम देखते हैं, उसमें बल्लेबाज़, गेंदबाज़ और फील्डर्स  के लिए नियमों का संतुलन बनाया गया है। बल्लेबाज़ों की बढ़ती ताकत और चौकों-छक्कों की बरसात को देखते हुए खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आईसीसी (ICC) ने जरुरत के हिसाब से  नियमों में संशोधन किया। इन्हें नियमों में से एक हैं मैच के दौरान क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध फील्ड रेस्ट्रिक्शन। इसकी शरुआत साल 1979 में हुई घटना के बाद की गयी थी।

फील्ड रेस्ट्रिकसन की शुरुआत कब और कहाँ हुई 

 साल 1979, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा था। इस दौरान हुए घटना के बाद से इस नियम को लेकर विचार किया गया था।ऑस्ट्रेलिया में 1980/81 सीज़न में, क्षेत्ररक्षण पर प्रतिबंध पहली बार लागू किए गए था।

फील्ड रेस्ट्रिकसन की शुरुआत कैसे हुई 

वनडे क्रिकेट की शुरुआती  में फील्डिंग से जुड़ा कोई नियम नहीं लागू नहीं था। मैच के दौरान खिलाड़ी  अपनी मर्ज़ी से कहीं भी फील्डिंग कर सकती थे। लेकिन जब देखा गया कि धीरे-धीरे बल्लेबाज़ी हावी होने लगी और खेल का संतुलन बिगड़ने लगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए 1980 के दशक में पहली बार सीमित ओवरों के मैचों में क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध लागू किए गए।

ऑस्ट्रेलिया में 1980/81 सीज़न में, क्षेत्ररक्षण पर पहली बार अनौपचारिक रूप से प्रतिबंध पहली बार लागू किए गए था। इसके बाद 1983 वर्ल्ड कप के बाद इस पर चर्चा शुरू हुई। लेकिन आधिकारिक रूप से लागू 1983-84 में ऑस्ट्रेलिया की बेंसन एंड हेजेस वर्ल्ड सीरीज़ में हुआ।

शुरूआत में फील्डिंग क्या नियम थे?

इस नियम के शुरुआत में पहले 15 ओवर में दो फील्डर ही 30 यार्ड सर्कल के बाहर खड़े हो सकते थे। इस दौरान बल्लेबाज़ों को शॉट्स लगाने का ज्यदा चांस मिलता था,जिससे मैच रोमांचक बने। बाद में यह फील्डिंग सर्कल रूल या पावरप्ले के नाम से कहा जाने लगा।

पावरप्ले का जन्म

2005 में आईसीसी ने इस नियम को नया रूप दिया और इसका नाम रखा गया पावरप्ले। पहले 10 ओवर अनिवार्य पावरप्ले का रूल। बाकी के दो पावरप्ले कप्तान अपनी हिसाब से ले सकते थे। पावरप्ले के दौरान केवल 2 या 3 फील्डर ही 30 यार्ड सर्कल से बाहर रखा जाता था। बदलते नियम और आधुनिक रूप

2011 में पावरप्ले के नियमों में सुधार हुआ जिसमे बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी पावरप्ले को अलग किया गया। 2015 ICC ने बड़ा बदलाव किया। अब केवल पहले 10 ओवर में पावरप्ले अनिवार्य है उसके बाद अपने हिसाब से फील्ड सेट किया जा सकता है।

टी20 क्रिकेट में शुरू से ही पहले 6 ओवर पावरप्ले का नियम रखा गया है। इस फॉर्मेट में सिर्फ 2 ही फील्डर सर्कल से बाहर रह सकते हैं।

क्यों बनाया गया फील्ड रेस्ट्रिकसन का नियम?

खेल का दौरान दोनों टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए इस नियम को क्रिकेट में जोड़ा गया है। बल्लेबाज़ों को शुरुआती ओवरों में शॉट्स लगाने के लिए और दर्शकों को चौकों छक्कों से भरपूर मनोरंजन का अनुभव कराने के लिए। 

क्रिकेट में फील्ड रेस्ट्रिकसन की शुरुआत 1983-84 ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड सीरीज़ कप से हुई और समय के साथ इसमें कई बदलाव आते गए। आज पावरप्ले क्रिकेट का मुख्य हिस्सा बन गया है जिसने खेल को और भी रोमांचक बना दिया है। इस दौरांन फैन्स काफी लुफ्त उठाते हुए नज़र आते हैं।

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मैं एक हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग, ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में फीचर राइटिंग और स्पोर्ट्स कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग कंटेंट क्रिएशन पर कार्यरत हूं। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ मैं वर्डप्रेस वेबसाइट पर ऑन-पेज और ऑफ-पेज SEO, ग्राफिक डिजाइन (कैनवा), और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में भी कुशल हूं।

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