Men’s Jr Hockey WC: एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप में भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर कांस्य पदक जीतकर अपने नाम कर लिया है। वहीं इस मैच में भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने अर्जेंटीना के खिलाफ शानदार वापसी की और पदक जीतने में सफल रही है। इसके अलावा भारतीय टीम ने पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप में नौ वर्षों का पदक का सूखा भी अब समाप्त कर लिया है।
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने जीता कांस्य पदक :-

एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप में इस बार भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने काफी शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना की टीम को 4-2 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। क्यूंकि इससे पहले भारतीय एएम ने साल 2016 में लखनऊ में इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था। इसके अलावा पिछले दो संस्करणों में भारतीय टीम पोडियम फिनिश करने में असफल रही थी। इसके चलते हुए अब नौ साल बाद भारतीय पुरुष टीम को जूनियर हॉकी विश्व कप में कोई पदक हासिल हुआ है।
शुरुआती दो क्वार्टर में भारी रहा था अर्जेंटीना का पलड़ा :-

इस कांस्य पदक मैच में भारत के लिए अंकित पाल (49वें मिनट), मनमीत सिंह (52वें मिनट) और अनमोल एक्का (58वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किए थे। जबकि शारदा नंद तिवारी ने खेल के 57वें मिनट में गोल दागा था। वहीं इस मैच के पहले दो क्वार्टर में अर्जेंटीना की टीम काफी मजबूत नजर आ रही थी। जबकि भारतीय हॉकी टीम गोल करने के लिए काफी संघर्ष करती हुई दिखाई दी। वहीं इस मैच में अर्जेंटीना के लिए निकोलस रॉड्रिग्ज ने तीसरे और सांतियागो फर्नांडेज ने 44वें मिनट में गोल किए थे।
भारतीय टीम ने दो बार जीता है यह टूर्नामेंट :-

भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने दो बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीतकर अपने नाम किया है। इससे पहले भारतीय टीम साल 2001 में होबार्ट और साल 2016 में लखनऊ में चैम्पियन बनी थी। लेकिन इस टूर्नामेंट में खेलते हुए भारतीय टीम ने अपना आखिरी बार पदक नौ साल पहले जीता था। इसके अलावा यह भारतीय टीम कांस्य पदक का मुकाबला हारकर चौथे स्थान पर रही थी। इसके अलावा इस बार भारत इस मैच में काफी पिछड़ रहा था लेकिन आखिरी 11 मिनट में चार गोल करके भारत ने साल 2021 की चैंपियन अर्जेंटीना की टीम को कांस्य पदक के प्लेआफ मैच में हरा दिया है।
भारतीय टीम ने आखिरी क्वार्टर में की शानदार वापसी :-
इस मैच के तीन क्वार्टर तक दो गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए आखिरी क्वार्टर में दनादन चार गोल करके खचाखच भरे मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में मानो जान फूंक दी थी। इस मैच के 49वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को अंकित ने गोल में बदलकर भारत का खाता खोला था। इसके बाद फिर खेल के 52वें मिनट में भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर अनमोल के शॉट पर गेंद डिफ्लैक्ट होकर मनमीत की स्टिक से टकराकर गोल के अंदर चली गई। इसके बाद दोनों टीमों का स्कोर 2-2 से बराबर होने के बाद लग रहा था कि मैच शूटआउट में जाएगा।

इसके बाद खेल की आखिरी सीटी बजने से तीन मिनट बाकी रहते भारत को अहम पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसको शारदा नंद तिवारी ने गोल में बदलकर पहली बार भारत को मैच में बढ़त दिला दी। इसके बाद अर्जेंटीना को अगले मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला था लेकिन भारतीय गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने एक बार फिर शानदार बचाव किया। इसके बाद फिर भारतीय टीम को मैच के 58वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को अनमोल ने गोल में बदलकर अपनी टीम को शानदार जीत दिला दी।
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