Hockey India: हॉकी इंडिया ने अभी हाल ही में प्रो लीग को देखते हुए नेशनल शिविर के लिए 33 सदस्यीय संभावित हॉकी खिलाड़ियों की सूची जारी की थी। जबकि इस बार मनप्रीत सिंह को नेशनल शिविर के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम के संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया गया था। वहीं इस बात को लेकर काफी विवाद उठा और कई विशेषज्ञों ने सवाल भी खड़े किए थे। लेकिन अब इस बात का भी खुलासा हो गया है कि किस कारण मनप्रीत सहित दो अन्य खिलाड़ियों को बाहर किया गया था।
नेशनल शिविर से बाहर हुए मनप्रीत सिंह :-
हॉकी इंडिया ने अभी हाल ही में प्रो लीग को देखते हुए नेशनल शिविर के लिए 33 सदस्यीय संभावित हॉकी खिलाड़ियों की सूची जारी की थी। इसमें हॉकी इंडिया ने इस बार भारत के स्टार हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह सहित अन्य दो अन्य लोगों को 33 संभावित हॉकी खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया था।

इसके अलावा यह 15 वर्षों में पहली बार ही हुआ था जब मनप्रीत को शिविर के लिए नहीं चुना गया था। इसके बाद हॉकी इंडिया के इस फैसले को लेकर सभी के मन में सवाल उठे थे। लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि हॉकी इंडिया को आखिर किस कारण से यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ले लिया था फैसला :-
इस बीच अब न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार यह फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही अनुशासनात्मक कारणों से ले लिया गया था। लेकिन इस बीच अब ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थी कि किसी भारतीय खिलाड़ी के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के (412) रिकॉर्ड की बराबरी से रोकने के लिए मनप्रीत को बाहर किया गया है।

इसके अलावा मनप्रीत सिंह अब इस रिकॉर्ड से एक मैच दूर हैं। वहीं अब भारतीय हॉकी टीम के करीबी सूत्रों ने हालांकि बताया है कि मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृशन बहादुर पाठक को बाहर करने का फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ले लिया गया था। क्यूंकि उस समय भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका में सात से दस दिसंबर 2025 के बीच दो टेस्ट और एक नुमाइशी मैच खेला था।
जानिए मनप्रीत को किस बात की मिली है सजा :-
इसके अलावा अब इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया है कि दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया था। क्यूंकि उस समय एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब था। इसके बाद एक अन्य सूत्र ने कहा है कि बाद में पता चला कि उसे मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम खिलाई थी। इसके चलते हुए वह खिलाड़ी बेहोश हो गया और पूरी रात उसे संभालना पड़ा था।

इसके बाद एक अन्य सूत्र ने बताया है कि अगली सुबह वह भारतीय हॉकी टीम की बैठक में भी नहीं जा सका था। इसके बाद इन तीनों हॉकी खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिए बाद में माफी मांग ली थी। लेकिन भारतीय हॉकी टीम की बैठक में तब ही उन्हें आगामी शिविर से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था। वहीं इससे यह भी साफ़ पता चला है कि कोच क्रेग फुल्टोन की ओर से इस घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी गई है।
मनप्रीत की अनुपस्थिति पर उठे थे सवाल :-
इसके अलावा अब राउरकेला में अगले महीने होने वाले प्रो लीग के आगामी सत्र के लिए हॉकी इंडिया ने बीते गुरुवार को संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की थी। इसमें भारतीय हॉकी कोच ने कहा है कि कार्यभार प्रबंधन के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। वहीं इस बार राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले एक से सात फरवरी तक यह शिविर आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा मनप्रीत सिंह की सह कप्तानी में रांची रॉयल्स टीम हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में पहुंची थी। वहीं इस टूर्नामेंट में तब उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा था। इसके चलते हुए अब उनको इस नेशनल शिविर से बाहर किए जाने को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं। इसके अलावा कृशन और दिलप्रीत एचआईएल जीतने वाली कलिंगा लांसर्स टीम का हिस्सा थे। वहीं इस बार दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीमों के सदस्य रहे 33 वर्षीय पूर्व भारतीय कप्तान मनप्रीत 15 वर्षों में पहली बार नेशनल शिविर के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।







