Rules Of Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग (PKL) के 11 वें सीजन की शुरुआत होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा हुआ है। इस खेल को लेकर एक बार फिर से फैंस के कानों में कबड्डी-कबड्डी की आवाज गूंजने लगी है, लेकिन आमतौर पर घरेलू स्तर पर खेले जाना वाला यह खेल प्रोफेशनल स्तर पर थोड़ा अलग है। प्रोफेशनल कबड्डी में कई सारे ऐसे नियम होते हैं, जिसके बारे में शायद हर किसी को जानकारी नहीं होती है।
कबड्डी के खेल में दो टीमें एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करती हैं और प्रत्येक टीम में 7-7 खिलाड़ी होते हैं। एक टीम का खिलाड़ी जब दूसरे खेमे में जाता है, तो उसे रेड कहते हैं। रेड करने वाले खिलाड़ी को दूसरी टीम के खिलाड़ियों को छूकर अपने खेमे में वापस आना होता है। इसके अलावा, सामने वाली टीम को रेडर को वापस अपने खेमे में जाने से रोकना होता है, जिसे डिफेंड करना कहा जाता है।
आप सभी के मन में सबसे बड़ा सवाल आता होगा कि, कबड्डी में स्कोरिंग कैसे की जाती है। इसके अलावा, आपने प्रो कबड्डी लीग में कई अलग-अलग शब्द जैसे: हाई-फाइव, सुपर 10, टैकल प्वॉइंट, इत्यादि भी सुने होंगे, जो आमतौर पर घरेलू कबड्डी मैचों में इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं। यहाँ हम आपको कबड्डी में स्कोरिंग से लेकर इसमें प्रयोग होने वाले अन्य शब्दों और नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
PKL: कबड्डी में कैसे मिलते हैं स्कोर?

प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) का समय 40 मिनट का होता है, जिसमे 20-20 मिनट के दो हाफ होते हैं। इस खेल में विरोधी टीम के हर खिलाड़ी को रेड के दौरान पकड़ने पर एक अंक दिया जाता है। दूसरी टीम के सभी खिलाड़ियों को आउट करने पर टीम ऑलआउट हो जाती है। इस स्थिति में विपक्षी टीम को 2 अतिरिक्त अंक भी मिलता है।
बता दें कि, किसी भी रेडर को रेड करने का अधिकतम समय 30 सेकंड मिलता है। यदि रेडर को 3 या उससे कम डिफेंडर के होने में पकड़ लिया जाता है तो, डिफेंडिंग टीम को बोनस अंक मिलता है। साथ ही सुपर रेड के दौरान खिलाड़ी जितने एक से भी ज्यादा खिलाड़ियों को छू कर आता है, तो उसे उतने ही अंक प्राप्त होते हैं। वहीं अगर रेडर बोनस पॉइंट्स को क्रॉस कर लेता है तो उसे एक और अंक दिया जाता है। इसके अलावा, यदि रेडर; लाइन क्रॉस करने से पहले ही पकड़ लिया जाता है तो, विपक्षी टीम को एक अंक दिया जाता है।

सुपर टैकल
कबड्डी (PKL) के खेल में डिफेंड करने वाली टीम के पास अगर 3 या उससे भी कम खिलाड़ी कोर्ट में बचते हैं और इस स्थिति में वह रेडर को आउट करने में सफल हो जाते हैं, तो इसे सुपर टैकल कहा जाता है। ऐसी स्थिति में टीम को 2 अंक दिए जाते हैं।
सुपर रेड
कबड्डी के खेल के दौरान रेडर अगर सामने वाली टीम के दो या दो से अधिक खिलाड़ियों को छू कर अपने खेमे में वापस आ जाता है, तो इसे सुपर रेड कहा जाता है और टीम को बोनस अंक भी मिलता है।
सुपर 10 और हाई-फाइव
जब एक रेडर टच और बोनस पॉइंट्स के साथ 10 या उससे अधिक अंक प्राप्त करता है, तो इसे सुपर 10 कहा जाता है। वहीं जब डिफेंड करने वाले खिलाड़ी को 5 या उससे अधिक अंक मिलने पर उसे हाई- फाइव कहा जाता है।
बोनस पॉइंट्स
कबड्डी के कोर्ट में एक पाले में पीछे एक लाइन बनी होती है, जिसे बोनस लाइन कहा जाता है। जब कोई खिलाड़ी रेड करने के दौरान बोनस लाइन को पार करके वापस अपने खेमे में आ जाता है फिर वह चाहे किसी खिलाड़ी को आउट करे या न करे, तो ऐसी स्थिति में उसे बोनस अंक दिया जाता है। बता दें कि, बोनस पॉइंट्स तभी मिल सकता है, जब विरोधी टीम में 6 या उससे अधिक खिलाड़ी कोर्ट में मौजूद हों।

PKL: कबड्डी के कुछ अन्य महत्वपूर्ण नियम
- एक रेड तभी मान्य होती है, जब रेडर कम से कम एक पैर के साथ बाउल लाइन को पार करता है, जबकि दूसरा पैर हवा में होता है।
- रेडर को विरोधी खेमे में घुसने से लेकर अपने खेमे में वापस आने तक ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलते रहना पड़ता है। अगर वह बीच में कबड्डी बोलना रोक देता है, तो रेडर को कोई अंक नहीं मिलता है।
- डिफेंड करने के लिए सबसे खास बात यह है कि, अंगो और धड़ के अलावा किसी अन्य अंग को नहीं पकड़ा जा सकता है। इसका अधिकारी विशेष तौर पर ध्यान रखते हैं।
- खेल के दौरान कोई भी खिलाड़ी कोर्ट के बाहर नहीं जा सकते हैं। अगर वो ऐसा करते हैं तो उनको एक अंक का नुकसान होता है। इसके अलावा, कबड्डी में एक खास क्षेत्र होता है, जिसे लॉबी कहा जाता है। यह तभी सक्रिय होता है, जब रेडर ने किसी विपक्षी खिलाड़ी को छुआ हो।
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