Monday, February 2

देशभर के पहलवानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। साल 2026 में ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में कुश्ती और हॉकी को नहीं रखा गया है, जिससे कई खिलाड़ी दुखी और निराश हैं क्योंकि उन्हें अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अगले गेम्स में हिस्सा नहीं मिल पाएगा। लेकिन घबराने की बात नहीं है, क्योंकि अगले कॉमनवेल्थ गेम्स में पहलवानों को जगह मिल सकती है और कुश्ती को फिर से शामिल किया जा सकता है। यह जानकारी भारतीय कुश्ती महासंघ (Indian Wrestling Federation) के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने दी है। WFI ने घोषणा की है कि प्रो-रेसलिंग लीग (pro wrestling league) 2026 में वापस लौटेगी। 2019 के सफल सीज़न के बाद कोविड-19 की वजह से यह लीग बंद हो गई थी, लेकिन अब यह फिर से शुरू होगी।

बिना किसी भेदभाव के होगा पहलवानों का चयन

भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पहलवानों का चयन पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा, और किसी तरह की सिफारिश नहीं चलेगी। जो पहलवान अच्छा प्रदर्शन करेगा, उसे मौका मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहलवानों को अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए एक शानदार अवसर है। कुश्ती ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन पिछले दो-तीन साल इस खेल के लिए अच्छे नहीं रहे, इसलिए अब पहलवानों को पूरी मेहनत के साथ तैयारी करनी चाहिए, आने वाला समय कुश्ती के लिए बहुत अच्छा होने वाला है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इसमें पुरुष और महिला दोनों को बराबरी का मौका मिलेगा।

कुश्ती को मिलेगी नई पहचान

हाल ही में 2024 पेरिस ओलंपिक में महिला पहलवानों की ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला पहलवानों में बेहतरीन प्रतिभा है। प्रो रेसलिंग लीग का यह नया अध्याय महिलाओं की इस सफलता को और भी मजबूती प्रदान करेगा, ताकि वे भविष्य में भारतीय कुश्ती की असली पहचान बन सकें।

विदेशी पहलवान भी होंगे, प्रो रेसलिंग लीग में शामिल

इस दौरान प्रो रेसलिंग लीग (PWL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अखिल गुप्ता ने कहा कि इस लीग में भारत के शीर्ष पहलवानों के साथ-साथ रूस, कजाकिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भाग लेंगे। लीग की संरचना पर चर्चा करते हुए प्रो रेसलिंग लीग के चेयरमैन और प्रमोटर दयान फारूकी ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग को एक फ्रेंचाइजी-आधारित प्रीमियर मॉडल के रूप में तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य एक पहलवान के जीवन को पूरी तरह से बदलना है। प्रो रेसलिंग लीग के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुमित दुबे भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग भारत की एक प्रमुख पेशेवर कुश्ती प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य भारतीय पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है, कुश्ती को और अधिक आकर्षक बनाना, और खिलाड़ियों, कोचों व अन्य पेशेवरों के लिए एक मजबूत और स्थिर इकोसिस्टम बनाना है।

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मैं एक हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग, ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में फीचर राइटिंग और स्पोर्ट्स कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग कंटेंट क्रिएशन पर कार्यरत हूं। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ मैं वर्डप्रेस वेबसाइट पर ऑन-पेज और ऑफ-पेज SEO, ग्राफिक डिजाइन (कैनवा), और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में भी कुशल हूं।

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